भाजपा ने सत्ता के अहंकार में आस्था की हर मर्यादा लांघ दी है। जिस संकटमोचन हनुमान जी का स्मरण करोड़ों श्रद्धालु श्रद्धा और भक्ति से करते हैं, उनके स्वरूप को चुनावी रैली में पार्टी का झंडा थमाकर राजनीतिक प्रदर्शन का माध्यम बनाना सनातन आस्था का घोर अपमान है।
नई दिल्ली। भाजपा ने सत्ता के अहंकार में आस्था की हर मर्यादा लांघ दी है। जिस संकटमोचन हनुमान जी का स्मरण करोड़ों श्रद्धालु श्रद्धा और भक्ति से करते हैं, उनके स्वरूप को चुनावी रैली में पार्टी का झंडा थमाकर राजनीतिक प्रदर्शन का माध्यम बनाना सनातन आस्था का घोर अपमान है। पहले भगवान श्रीराम के नाम पर राजनीति, फिर अयोध्या श्रीराम मंदिर से जुड़े गंभीर आरोपों पर चुप्पी, और अब हनुमान जी के स्वरूप का चुनावी इस्तेमाल। आस्था वोट बटोरने का साधन नहीं है। जनता सब देख रही है और अहंकार का अंत निश्चित है।
कांग्रेस पार्टी ने अपने अधिकारिक एक्स पोस्ट पर वीडियो शेयर कर लिखा कि पहले प्रभु राम के चढ़ावे की चोरी और अब हनुमान जी का अपमान, यही है BJP का असली चेहरा है।
यही है BJP का असली चेहरा pic.twitter.com/1thLuEiMzo
— Congress (@INCIndia) July 6, 2026
एक यूजर ने लिखा कि BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन (BJP National President Nitin Nabin) के स्वागत के दौरान हनुमान जी का रूप धारण किए कलाकार के हाथ में BJP का झंडा पकड़ाकर जुलूस में नचाया गया। अब किसी की धार्मिक भावनाएं आहत नहीं हो रही हैं क्या? सभी हिंदू संगठन इस मुद्दे पर चुप क्यों हैं?
BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के स्वागत के दौरान हनुमान जी का रूप धारण किए कलाकार के हाथ में BJP का झंडा पकड़ाकर जुलूस में नचाया गया।
अब किसी की धार्मिक भावनाएँ आहत नहीं हो रही हैं क्या? सभी हिंदू संगठन इस मुद्दे पर चुप क्यों हैं?
अगर किसी दूसरी पार्टी के नेता की रैली… pic.twitter.com/kZPdn4G9kF
— Dinesh Purohit (@Imdineshpurohit) July 6, 2026
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अगर किसी दूसरी पार्टी के नेता की रैली में हनुमान जी के वेश में किसी कलाकार से पार्टी का झंडा पकड़वाकर ऐसा कराया गया होता, तो अब तक BJP और उसके समर्थक सड़कों पर उतरकर विरोध-प्रदर्शन और नागिन डांस कर रहे होते।