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लखनऊ नगर निगम के पार्षद, बोले-जो रोड स्वीपिंग 80 करोड़ में हो रही थी वही आज 575 करोड़ में, कहां से आएगा पैसा?

लखनऊ नगर निगम मुख्यालय में हो रहे भ्रष्टाचार के खिलाफ शनिवार को पार्षदों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। लखनऊ नगर निगम के करीब 50 से अधिक पार्षदों ने नगर आयुक्त इंद्रजीत सिंह के कार्यालय के बाहर जमीन पर बैठकर नारेबाजी की। इस प्रदर्शन में उत्तर प्रदेशीय सफाई कर्मचारी संघ के लोग भी पार्षदों के साथ अपना विरोध दर्ज कराया है।

By santosh singh 
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लखनऊ। लखनऊ नगर निगम मुख्यालय में हो रहे भ्रष्टाचार के खिलाफ शनिवार को पार्षदों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। लखनऊ नगर निगम के करीब 50 से अधिक पार्षदों ने नगर आयुक्त इंद्रजीत सिंह के कार्यालय के बाहर जमीन पर बैठकर नारेबाजी की। इस प्रदर्शन में उत्तर प्रदेशीय सफाई कर्मचारी संघ के लोग भी पार्षदों के साथ अपना विरोध दर्ज कराया है।

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महापौर सुषमा खर्कवाल से बोले पार्षद, जब तक LSA से सफाई का जिम्मा वापस नहीं लिया जाएगा तब तक नहीं होगी बात

हंगामे को देखते हुए लखनऊ नगर निगम के अधिकारियों ने पुलिस फोर्स बुला ली गई है। महापौर सुषमा खर्कवाल (Mayor Sushma Kharkwal) और नगर आयुक्त इंद्रजीत सिंह (Municipal Commissioner Indrajit Singh) नाराज पार्षदों को मनाने पहुंचे। पार्षदों का हंगामा बढ़ता देख महापौर सुषमा खर्कवाल (Mayor Sushma Kharkwal)  ने बंद कमरे में पार्षदों से बात करने की कोशिश की, लेकिन पार्षदों ने महापौर से बात करने को नहीं तैयार ​हुए। पार्षदों ने महापौर सुषमा खर्कवाल (Mayor Sushma Kharkwal)  से साफ कहा कि जब तक LSA से सफाई का जिम्मा वापस नहीं लिया जाएगा तब तक नहीं होगी बात। पार्षदों की बात सुन मेयर लौट गईं।

नाराज पार्षदों ने कहा कि जन प्रतिनिधियों को शून्य कर दिया गया है, लखनऊ की आम जनता आज सफाई के लिए  कर रही है त्राहि-त्राहि

वहीं नाराज पार्षदों ने कहा कि हम लोग जनप्रतिनिधि हैं, मगर कोई सुनवाई नहीं हो रही है। नगर निगम जनता की चुनी हुई तीसरी सरकार है। पार्षदों ने लखनऊ नगर निगम पर खुला आरोप लगाया कि जन प्रतिनिधियों को शून्य कर दिया गया है। यह बेहद अफसोसनाक है कि राजधानी लखनऊ की आम जनता आज सफाई के लिए त्राहि-त्राहि कर रही है।

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पार्षद एकता के झंडे के तले कर रहे हैं विरोध, मेयर से एक दिन का सदन बुलाने की मांग की

लखनऊ नगर निगम मुख्यालय में हो रहे भ्रष्टाचार से नाराज पार्षदों ने मेयर से एक दिन का सदन बुलाने की मांग की। कार्यदायी संस्था का विरोध पार्षद नागेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि यहां कोई भी पार्षद किसी दल से नहीं है। सभी लोग पार्षद एकता के झंडे के तले विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कार्यदाई संस्था लखनऊ स्वच्छ अभियान (LSA) को जोन 1, 3, 4 ,6 और 7 को ठेका प्रथा के तहत साफ-सफाई का कार्य दिया जा रहा है। जिस का हम लोग विरोध कर रहे हैं। डोर टू डोर कूड़ा उठाने का काम यह कंपनी पहले से ही कर रही है, जिसमें यह पूरी तरीके से विफल है।

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सदन में जो निर्णय लिया गया था उसका नहीं किया जा रहा है पालन 

पार्षद नागेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि हमारी सुनवाई नहीं हो रही है। सदन के विपरीत काम हो रहा है। पार्षद अरुण तिवारी ने कहा कि हम लोग इस बात का विरोध कर रहे हैं कि जो सदन में जो निर्णय लिया गया था उसका पालन नहीं किया जा रहा है। सदन में जो सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास हुए थे। उस पर निर्णय न करके अधिकारी अपनी मनमानी कर रहे हैं।

रोड स्वीपिंग जो 80 करोड़ में हो रहा था आज वह 575 करोड़ जा रहा है, यह पैसा कहां से आएगा? इसका नगर निगम  नहीं दे रहा कोई जवाब 

पार्षद अरुण तिवारी ने कहा कि सदन में जो फैसला लिया गया था, उसका पालन नहीं हो रहा है। इस संबंध में नगर आयुक्त और महापौर को पत्र सौंप चुके हैं। रोड स्वीपिंग जो 80 करोड़ में हो रहा था आज वह 575 करोड़ जा रहा है। यह पैसा कहां से आएगा? इसका कोई जवाब नहीं दे रहा। इको कंपनी की तरह यह कंपनी भी भागेगी।

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