बुद्ध पूर्णिमा का दिन गौतम बुद्ध के जन्म, ज्ञान प्राप्ति और महापरिनिर्वाण का प्रतीक है। वैशाख महीने की पूर्णिमा का दिन हिंदू और बौद्ध दोनों धर्मों के लिए बहुत बड़ा दिन होता है।
Buddha Purnima 2026 : बुद्ध पूर्णिमा का दिन गौतम बुद्ध के जन्म, ज्ञान प्राप्ति और महापरिनिर्वाण का प्रतीक है। वैशाख महीने की पूर्णिमा का दिन हिंदू और बौद्ध दोनों धर्मों के लिए बहुत बड़ा दिन होता है। इसे बुद्ध पूर्णिमा के रूप में मनाया जाता है। इस दिन भक्त मंदिरों ( महाबोधि मंदिर) में जाते हैं, ध्यान करते हैं, बौद्ध सूत्रों का पाठ करते हैं और फूल, मोमबत्ती और अगरबत्ती चढ़ाते हैं। यह दिन सिर्फ बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए ही नहीं, बल्कि सनातनी परंपरा में भी बेहद खास है, क्योंकि भगवान बुद्ध को श्रीहरि विष्णु का नौवां अवतार माना जाता है।
पंचांग के अनुसार, पूर्णिमा तिथि 30 अप्रैल की रात को ही शुरू हो जाएगी, लेकिन उदय तिथि (सूर्योदय के समय की तिथि) के आधार पर बुद्ध पूर्णिमा का व्रत और स्नान 1 मई 2026, शुक्रवार को होगा।
दान-पुण्य: जरूरतमंदों को भोजन, कपड़े और पानी दान करने जैसे दान-पुण्य के कार्यों में संलग्न होना एक प्रथा है।
इन समारोहों में करुणा, अहिंसा और शांति की शिक्षाओं पर ध्यान करना शामिल होता है, जिसके परिणामस्वरूप अक्सर एक दिन का उपवास या केवल शाकाहारी भोजन करना होता है।