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Delhi Assembly Election : कांग्रेस ने BJP और AAP के खिलाफ ‘मौका मौका हर बार धोखा’ जारी की पुस्तिका , गिनाई शीला दीक्षित सरकार की खूबियां

दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष देवेन्द्र यादव (Delhi Congress President Devendra Yadav), पार्टी नेता अजय माकन (Party leader Ajay Maken) , और अन्य नेताओं ने दिल्ली में भाजपा और AAP सरकार के खिलाफ 'मौका मौका हर बार धोखा' पुस्तिका जारी की।

By santosh singh 
Updated Date

नई दिल्ली। दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष देवेन्द्र यादव (Delhi Congress President Devendra Yadav), पार्टी नेता अजय माकन (Party leader Ajay Maken) , और अन्य नेताओं ने दिल्ली में भाजपा और AAP सरकार के खिलाफ ‘मौका मौका हर बार धोखा’ पुस्तिका जारी की।AAP और BJP के काले कारनामों पर एक श्वेत पत्र जारी किया ।

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दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव (Delhi Congress President Devendra Yadav) ने कहा, कि पिछले 11 साल से दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार है और पिछले 10 साल से केंद्र में भाजपा की सरकार है। दिल्ली की जनता ने इन दोनों सरकारों को बड़ी उम्मीदों के साथ चुना था लेकिन आज 11 साल बाद दिल्ली की जनता को लग रहा है कि वादों के अलावा उन्हें सिर्फ धोखा ही मिला है। उन्होंने कहा कि जब दिल्ली में शीला दीक्षित के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार 15 साल तक सत्ता में रही तो उसने विकास, प्रदूषण, महिलाओं के सम्मान, बुजुर्गों को पेंशन, गरीबों को राशन कार्ड और सिलेंडर देने जैसे नए आयाम गढ़े। उन 15 सालों में दिल्ली को विश्वस्तरीय शहर बनाने की मजबूत नींव रखी गई।’

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दोनों सरकारों के कारनामों पर कांग्रेस कोषाध्यक्ष अजय माकन ने ने कुछ पंक्तियां लिखी हैं। उन्होंने कहा कि हमने AAP और BJP सरकार के काले कारनामों पर श्वेत पत्र जारी किया है। इस श्वेत पत्र के मुख्य पेज पर हमने लिखा है: ‘मौका-मौका, हर बार धोखा’। कोरोना काल के समय लोगों को अपने परिजनों के शव के लिए कई दिनों तक इंतजार करना पड़ता था। दिल्ली में ऑक्सीजन, ICU की कमी थी। उस समय दिल्ली सरकार अस्पताल बनाने के बजाए शीशमहल बनाने में पैसे खर्च कर रही थी, वहीं BJP सरकार सेंट्रल विस्टा बना रही थी। आज दिल्ली के अंदर बुजुर्गों को पेंशन पाने में दिक्कत आती है। हैरानी की बात यह भी है कि 10 वर्षों के अंदर बुजुर्गों के पेंशन का 1,780 करोड़ रुपए लैप्स हो गया, जिसे दिल्ली सरकार केंद्र से झगड़े के कारण खर्च ही नहीं कर पाई। दिल्ली के अंदर नए राशन कार्ड बनने बंद हो गए हैं। जो पुराने हैं, उन्हें हटाया जा रहा है। यह दिल्ली की सबसे बड़ी समस्या है।

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