समाजवादी पार्टी सांसद डिंपल यादव (Samajwadi Party MP Dimple Yadav) ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक (Social activist Sonam Wangchuk) को दिल्ली पुलिस (Delhi Police) के तरफ से जबरन अस्पताल ले जाने की घटना को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है।
नई दिल्ली। समाजवादी पार्टी सांसद डिंपल यादव (Samajwadi Party MP Dimple Yadav) ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक (Social activist Sonam Wangchuk) को दिल्ली पुलिस (Delhi Police) के तरफ से जबरन अस्पताल ले जाने की घटना को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने अपने एक्स अकाउंट पर लिखा कि ‘बीजेपी वाले देश के लिए सफेद चादर का कफन लेकर आए हैं। जब शांतिपूर्ण आवाजो को दबाया जाता है, तो संविधान और लोकतंत्र भी आहत होते हैं। सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) जैसे लोगों की आवाज दबाना, देश की आत्मा को दबाना है।’
बीजेपी वाले देश के लिए सफेद चादर का कफ़न लेकर आए हैं।
जब शांतिपूर्ण आवाज़ों को दबाया जाता है, तो संविधान और लोकतंत्र भी आहत होते हैं।
सोनम वांगचुक जैसे लोगों की आवाज़ दबाना, देश की आत्मा को दबाना है। pic.twitter.com/mFVCA0CRtA
— Dimple Yadav (@dimpleyadav) July 18, 2026
पढ़ें :- 'सोनम वांगचुक से प्रेरित नहीं थी '3 इडियट्स' फिल्म...' एक्टर आमिर खान का बड़ा बयान, सामाजिक कार्यकर्ता की सेहत को लेकर जतायी चिंता
बता दें कि शनिवार सुबह दिल्ली के जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) को पुलिस सफदरजंग अस्पताल (Safdarjung Hospital) लेकर गई। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने पुलिस कार्रवाई का विरोध किया, जिससे मौके पर हंगामे की स्थिति बन गई।
ये पुलिस नहीं आरएसएस के गुंडे हैं, वे सोनम सर को गालियां देते हुए घसीटकर लेकर गए : अभिजीत दीपके
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अध्यक्ष अभिजीत दीपके (Abhijit Deepke, Founding President of the Cockroach Janata Party) ने आरोप लगाया कि ‘सुबह सात बजे जब मैं फ्रेश होने के लिए यहां से निकला, तो पुलिस के गुंडे वहां आए। वे सोनम सर को गालियां देते हुए घसीटकर लेकर गए। 60 साल का एक व्यक्ति, जो 20 दिनों से भूख हड़ताल पर था उन्हें दिल्ली पुलिस (Delhi Police) जबरदस्ती घसीटकर यहां से लेकर गई।
हमें नहीं पता कि कहां लेकर गए हैं। जैसे ही मुझे खबर मिली, मैं जंतर-मंतर आ रहा था, तो पुलिस ने मेरे साथ भी मारपीट की। ये पुलिस नहीं आरएसएस (RSS) के गुंडे हैं। मैं विदेश से अपने देश वापस आया था, क्या मैं कोई अपराधी हूं? मुझे इन लोगों ने सड़कों पर मारा।
सोनम वांगचुक 21 दिनों से अनशन पर बैठे
सोनम वांगचुक पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान (Union Education Minister Dharmendra Pradhan) के इस्तीफे की मांग को लेकर 21 दिनों से अनशन पर बैठे हैं। लंबे अनशन के कारण उनकी सेहत लगातार बिगड़ रही थी और उनका वजन करीब 9.5 किलोग्राम कम हो चुका है।
इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने गुरुवार को केंद्र और दिल्ली सरकार को निर्देश दिया था कि वांगचुक का प्रतिदिन मेडिकल परीक्षण कराया जाए और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें तत्काल उपचार उपलब्ध कराया जाए। इसी आदेश के अनुपालन में पुलिस उन्हें शनिवार सुबह अस्पताल लेकर गई। घटना के बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।