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यूरोप में मची कूटनीतिक हलचल, ट्रंप के विरोध में उतरी इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी

इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आलोचना को और तेज़ कर दिया है। उन्होंने पोप लियो के बारे में ट्रंप की हालिया टिप्पणियों को अस्वीकार्य बताया और राजनीतिक दखलंदाज़ी से धार्मिक स्वतंत्रता की ज़रूरत पर फिर से ज़ोर दिया।

By Satish Singh 
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नई दिल्ली। इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आलोचना को और तेज़ कर दिया है। उन्होंने पोप लियो के बारे में ट्रंप की हालिया टिप्पणियों को अस्वीकार्य बताया और राजनीतिक दखलंदाज़ी से धार्मिक स्वतंत्रता की ज़रूरत पर फिर से ज़ोर दिया। पत्रकारों के साथ एक खुली बातचीत में मेलोनी ने पोप लियो के प्रति अपनी मज़बूत एकजुटता ज़ाहिर की, जिससे इटली के नेतृत्व और ट्रंप प्रशासन के बीच एक दुर्लभ सार्वजनिक मतभेद का संकेत मिला। यह तनाव अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा पोप के ख़िलाफ़ की गई विवादित टिप्पणियों की एक श्रृंखला के बाद पैदा हुआ है, जिसने पूरे यूरोप में कूटनीतिक हलचल मचा दी है।

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प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी ने कहा कि मुझे लगता है कि मैंने जो कहा वही मेरी सोच है। पोप के बारे में कोई भी बयान अस्वीकार्य थे। मैंने पोप फ्रांसिस के प्रति अपनी एकजुटता ज़ाहिर की थी और अब भी करती हूं। मैं आपको बताती हूं कि मैं ऐसे समाज में सहज महसूस नहीं करूंगी जहां धार्मिक नेता वही करें जो राजनीतिक नेता कहते हैं। कम से कम दुनिया के इस हिस्से में तो बिल्कुल नहीं। मेलोनी की आलोचना का मुख्य बिंदु चर्च और राज्य के बीच बुनियादी अलगाव था। उनका तर्क था कि राजनीतिक नेताओं को यह उम्मीद नहीं करनी चाहिए कि धार्मिक हस्तियां उनके प्रशासन के विस्तार के तौर पर काम करें। प्रधानमंत्री ने ज़ोर देकर कहा कि ट्रंप के साथ उनकी असहमति केवल व्यक्तिगत नहीं थी, बल्कि पोप पद की गरिमा से जुड़ा एक सैद्धांतिक मामला था। उनकी ये टिप्पणियां ट्रंप की हालिया सोशल मीडिया गतिविधियों को लेकर बढ़ रही आलोचना के जवाब में आईं। इन गतिविधियों में एक AI-जनित तस्वीर भी शामिल थी, जिसमें ट्रंप को ईसा मसीह जैसे धार्मिक रूप में दिखाया गया था। इस पोस्ट पर व्यापक बहस छिड़ गई और जनता के विभिन्न वर्गों यहां तक कि उनके अपने कुछ समर्थकों की ओर से भी तीखी प्रतिक्रिया मिली। जिसके चलते इस पोस्ट को हटाना पड़ा। इस विवादित तस्वीर के साथ-साथ ट्रंप ने पोप लियो पर निशाना साधते हुए कुछ बयान भी दिए। उन्होंने पोप की उन कथित टिप्पणियों की आलोचना की थी, जो उन्होंने अंतरराष्ट्रीय भू-राजनीतिक तनावों विशेष रूप से अमेरिका-इज़रायल के रुख और ईरान से जुड़े घटनाक्रमों के बारे में की थीं।

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