प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज अपने प्रवचनों से दुनियाभर में चर्चित हैं लेकिन बीते कुछ दिनों से यहां से जुड़े कई विवाद सामने आ रहे हैं। अब प्रेमानंद महाराज के शिष्य की संदिग्ध हालात में मौत हो गयी। बताया जा रहा है कि, बाराहघाट स्थित श्रीराधा केलिकुंज के आगे राधावाटिका के पास स्थित इमारत की चौथी मंजिल से गिरकर प्रेमानंद के शिष्य रसिक दुलारी शरण की मौत हो गई है। इ
वृंदावन। प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज अपने प्रवचनों से दुनियाभर में चर्चित हैं लेकिन बीते कुछ दिनों से यहां से जुड़े कई विवाद सामने आ रहे हैं। अब प्रेमानंद महाराज के शिष्य की संदिग्ध हालात में मौत हो गयी। बताया जा रहा है कि, बाराहघाट स्थित श्रीराधा केलिकुंज के आगे राधावाटिका के पास स्थित इमारत की चौथी मंजिल से गिरकर प्रेमानंद के शिष्य रसिक दुलारी शरण की मौत हो गई है। इस दौरान उनके गुप्तांग भी कटे हुए थे। ऐसे में हत्या की भी आशंका जाहिर की जा रही है। फिलहाल पुलिस जांच में जुटी है। हालांकि, एक बात तो साफ है कि बीते कुछ समय से प्रेमानंद महाराज से जुड़े शिष्यों को नाम विवादों में आ रहा है।
कोतवाली क्षेत्र के बाराहघाट स्थित श्रीराधा केलिकुंज से चंद कदम की दूरी पर राधावाटिका वाली गली में शुक्रवार की सुबह लगभग साढ़े दस बजे हादसा हो गया। यहां गुरुकृपा धाम में प्रेमानंद के शिष्य के रूप में वर्ष 2025 से रहकर साधना कर रहे थे। मूलरूप से जबलपुर निवासी 25 वर्षीय दीपक ने अपना नाम रसिक दुलारी शरण रख लिया था।
खुद को प्रेमानंद महाराज के करीबी बताने की भी है होड़
बताया जा रहा है कि, संत प्रेमानंद महाराज अपने प्रवचनों के कारण दुनियाभर में प्रसिद्ध हैं लेकिन उनके दर्शन उनके शिष्यों अक्सर विवादों में रहते हैं। आपस में खुद को संत का सबसे नजदीकी बताने की इनमें होड़ लगी रहती है। इसके कारण इनके बीच आपस में मतभेद की भी चर्चाएं चलती रहती हैं।
अवैध रूप से प्लाटिंग करने का भी आरोप
संत प्रेमानंद महाराज के शिष्यों का नाम अक्सर चर्चाओं में बना रहता है। कुछ समय पहले एक शिष्य पर यमुना खादर में अवैध रूप से प्लांटिग करने का भी आरोप लगा था। इसकी भी खूब चर्चा हुई थी। यही नहीं, शिष्यों के बीच आपसी मतभेद और मनमुटाव की भी खबरें खूब आती रहती हैं। ऐसे में रसिक दुलारी शरण की मौत कोई हादसा नहीं बल्कि कुछ और इशारा कर रही है।
प्रेमानंद महाराज पर भी वीवीआईपी लोगों से मिलने के आरोप
यही नहीं, दुनियाभर में विख्यात प्रेमानंद महाराज पर भी अब आरोप लगने लगे हैं। आरोप है कि, प्रेमानंद महाराज भी ज्यादातर वीवीआईपी लोगों से ही मिलते हैं। आम लोगों से प्रेमानंद महाराज मुलाकात नहीं करते हैं। पदयात्रा के दौरान भी ये देखा जा सकता है।
ट्रस्ट के नाम जमीन खरीदने की भी चर्चा
कहा जाता है कि, प्रेमानंद महाराज अक्सर कहते हैं कि वो एक रुपये भी किसी से नहीं लेते और भिक्षा मांगकर अपना भोजन करते हैं। लेकिन अब जमीन की खरीद फरोख्त को लेकर चर्चाएं हो रही हैं। चर्चा है कि, ट्रस्ट के नाम से जमीनें खरीदीं जा रही हैं। इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं?