आंध्र प्रदेश के तट से दूर बंगाल की खाड़ी (Bay of Bengal) में रविवार तड़के 4.5 तीव्रता का हल्का भूकंप आया, जिसके झटके विशाखापत्तनम शहर (Visakhapatnam City) के कई इलाकों में महसूस किए गए। हालांकि, इस घटना में किसी तरह के जान-माल के नुकसान की कोई सूचना नहीं है। राहत की बात यह रही कि भूकंप का असर सीमित रहा और किसी तरह की बड़ी आपदा या जनहानि नहीं हुई।
नई दिल्ली। आंध्र प्रदेश के तट से दूर बंगाल की खाड़ी (Bay of Bengal) में रविवार तड़के 4.5 तीव्रता का हल्का भूकंप (Earthquake) आया, जिसके झटके विशाखापत्तनम शहर (Visakhapatnam City) के कई इलाकों में महसूस किए गए। हालांकि, इस घटना में किसी तरह के जान-माल के नुकसान की कोई सूचना नहीं है। राहत की बात यह रही कि भूकंप (Earthquake) का असर सीमित रहा और किसी तरह की बड़ी आपदा या जनहानि नहीं हुई।
कब और कहां आया भूकंप?
भारतीय राष्ट्रीय महासागर सूचना सेवा केंद्र (INCOIS) के अनुसार, भूकंप रविवार सुबह 5 बजकर 5 मिनट 46 सेकंड (भारतीय समयानुसार) पर आया। इसकी तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 4.5 दर्ज की गई। भूकंप का केंद्र बंगाल की खाड़ी (Bay of Bengal) में आंध्र प्रदेश के काकीनाडा तट से करीब 225 किलोमीटर दूर स्थित था। इसका केंद्र 16.805 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 84.381 डिग्री पूर्वी देशांतर पर समुद्र की सतह से 10 किलोमीटर की गहराई में था। समुद्र के भीतर कम गहराई में आए भूकंपों (Earthquake) पर विशेषज्ञ लगातार नजर बनाए रखते हैं, क्योंकि कई बार ऐसे झटके सुनामी की आशंका भी पैदा कर सकते हैं। हालांकि इस भूकंप (Earthquake) के बाद सुनामी जैसी किसी भी स्थिति की चेतावनी जारी नहीं की गई।
किन इलाकों में महसूस हुए भूकंप के झटके?
अधिकारियों के अनुसार, भूकंप (Earthquake) के हल्के झटके विशाखापत्तनम शहर (Visakhapatnam City) के कई हिस्सों में महसूस किए गए। कुछ लोगों ने सुबह अचानक कंपन महसूस होने पर घरों और इमारतों से बाहर निकलना बेहतर समझा, जबकि कई लोग सोशल मीडिया पर भी अपने अनुभव साझा करते नजर आए। हालांकि झटके काफी हल्के थे और कुछ ही सेकंड तक महसूस किए गए, इसलिए किसी तरह की अफरा-तफरी या भगदड़ जैसी स्थिति नहीं बनी।
क्या किसी तरह का नुकसान हुआ?
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भूकंप (Earthquake) के कारण किसी व्यक्ति के घायल होने, जान जाने, संपत्ति को नुकसान पहुंचने या किसी अन्य प्रकार के नुकसान की कोई सूचना नहीं मिली है। स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग (Disaster Management Department) ने स्थिति पर नजर बनाए रखी और एहतियात के तौर पर संबंधित एजेंसियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए। फिलहाल पूरे क्षेत्र में स्थिति सामान्य बनी हुई है।
भारत में क्यों बढ़ी है भूकंप की गतिविधि?
पिछले कुछ महीनों में भारत के अलग-अलग हिस्सों में हल्के और मध्यम तीव्रता के भूकंप दर्ज किए गए हैं। दिल्ली-एनसीआर, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, गुजरात, अंडमान-निकोबार द्वीप समूह और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में समय-समय पर धरती कांपने की घटनाएं सामने आई हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, भारतीय प्लेट लगातार यूरेशियन प्लेट से टकरा रही है, जिसके कारण खासकर हिमालयी क्षेत्र और उसके आसपास भूकंपीय गतिविधियां स्वाभाविक रूप से अधिक रहती हैं। वहीं, बंगाल की खाड़ी और हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्र के भीतर होने वाली भूगर्भीय हलचल भी समय-समय पर भूकंप (Earthquake) का कारण बनती है। वैज्ञानिकों का कहना है कि अधिकांश हल्के भूकंप सामान्य टेक्टोनिक गतिविधि का हिस्सा होते हैं, लेकिन लोगों को हमेशा सतर्क रहना चाहिए और भूकंप (Earthquake) के दौरान सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करना चाहिए।