खिलेश यादव ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, अयोध्या का भंडाफोड़ अधर्मियों के ‘शताब्दी समारोह’ को ‘समाप्ति समारोह’ बना देगा। इससे पहले भी अखिलेश यादव ने सवाल उठाए थे। उन्होंने सीएम योगी आदित्यनाथ के अयोध्या दौरे पर निशाना साधा था।
लखनऊ। अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की रकम गबन मामले को लेकर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं। चढ़ावे के रुपयों के साथ ही सोने—चांदी के सामान भी गायब बताए जा रहे हैं। एसआईटी की टीम इस मामले की जांच पड़ताल कर रही है लेकिन विपक्षी दल लगातार इस पर सवाल उठा रहे हैं। उनकी मांग है कि, दोषियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए।
इस बीच सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, अयोध्या का भंडाफोड़ अधर्मियों के ‘शताब्दी समारोह’ को ‘समाप्ति समारोह’ बना देगा। इससे पहले भी अखिलेश यादव ने सवाल उठाए थे। उन्होंने सीएम योगी आदित्यनाथ के अयोध्या दौरे पर निशाना साधा था।
अयोध्या का भंडाफोड़ अधर्मियों के ‘शताब्दी समारोह’ को ‘समाप्ति समारोह’ बना देगा।
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) June 20, 2026
अखिलेश यादव ने कहा था कि, आज के भाषण में बयान कम, धमकी अधिक क्यों थी? आज का कार्यक्रम अचानक बना था या जिस दिन SIT बनी थी, उस दिन? सूत्र ये क्यों कह रहे हैं कि स्थानीय भाजपाई विधायकों और पदाधिकारियों के कहने पर ये कार्यक्रम अचानक तय किया गया, जिससे कि भाजपा की राजनीति ज़मीन बचाई जा सके नहीं तो अयोध्या मंडल ही नहीं, पूरे उप्र में भाजपा का सूपड़ा साफ़ होना तय है।
आज के भाषण में बयान कम, धमकी अधिक क्यों थी?
आज का कार्यक्रम अचानक बना था या जिस दिन SIT बनी थी, उस दिन?
सूत्र ये क्यों कह रहे हैं कि स्थानीय भाजपाई विधायकों और पदाधिकारियों के कहने पर ये कार्यक्रम अचानक तय किया गया, जिससे कि भाजपा की राजनीति ज़मीन बचाई जा सके नहीं तो अयोध्या…
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) June 19, 2026
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भौतिक रूप से भ्रमण कर, उस SIT के काम को प्रभावित करने की कोशिश न की जाए, जो पहले से ही विवादास्पद सदस्यों और कलंकित छवि के कारण शंकाओं के घेरे में है। आज वहाँ चेहरा उतरा हुआ क्यों था? आवाज़ को तो जानबूझकर ऊँची करने का प्रयास पूरा था लेकिन आत्मविश्वास शून्य क्यों था? इस बार अपने ख़ास लोगों से मिले क्यों नहीं? जनता कह रही है ‘दूध का दूध, पानी का पानी’ नहीं ‘सोने का सोना, चाँदी की चाँदी’ करें। चढ़ाए गये पैसों, अनमोल शिलाओं के अलावा बहुमूल्य धातुओं और जेवरों का भी हिसाब देना ही पड़ेगा।