मथुरा के स्वास्थ्य विभाग में राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन (National Urban Health Mission) के तहत उपकरणों की खरीद को लेकर एक बड़ा घोटाले का खुलासा हुआ है। इस विभाग में सिर्फ ₹2,000 की बाजार कीमत वाले एक बॉयलर को ₹17,700 के भारी दाम पर खरीदा दिखाया गया।
मथुरा, उत्तर प्रदेश। मथुरा के स्वास्थ्य विभाग में राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन (National Urban Health Mission) के तहत उपकरणों की खरीद को लेकर एक बड़ा घोटाले का खुलासा हुआ है। इस विभाग में सिर्फ ₹2,000 की बाजार कीमत वाले एक बॉयलर को ₹17,700 के भारी दाम पर खरीदा दिखाया गया। साथ ही सरकारी खाते से करीब ₹8 लाख के अन्य चिकित्सा उपकरणों का भुगतान भी करा लिया गया। लेकिन बुनियादी तौर पर स्वास्थ्य केंद्रों को किसी भी सामान की आपूर्ति नहीं की गई। इस मामले के उजागर होने के बाद विभाग के सभी अधिकारियों के बीच हलचल मच गया है।
फर्जी बिलिंग और कागजी आपूर्ति का खेल
सूत्रों के अनुसार, यह पूरा खेल नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (Urban Primary Health Centre) के लिए सामान की खरीद के नाम पर किया गया। इसके अलावा सरकारी बजट को दरकिनार करते हुए बाजार दर से कई गुना अधिक दामों पर बिल तैयार किए गए। इसमें हैरान करने वाली बात यह है कि ₹8 लाख का भुगतान सरकारी खजाने से ठेकेदार को जारी भी कर दिया गया, जबकि असल में केन्द्रों तक कोई उपकरण नहीं पहुंचा।
जांच के घेरे में कई अधिकारी और बाबू
इस आर्थिक धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार (Corruption) के सामने आने के बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी (Chief Medical Officer) कार्यालय से लेकर शासन स्तर तक सनसनी छाई हुई है। हांलाकि शुरूआती जांच में विभागीय बाबूओं और कुछ जिम्मेदार अधिकारियों की आपस में मिलीभगत की आशंका की जा रही है। फिलहाल, इस मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च स्तरीय जांच कमेटी (High-level inquiry committee) गठित करने की तैयारी हो रही है, ताकि इस घोटाले में शामिल सभी फर्मस् या ठेकेदारों और दोषियों पर कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई हो सके।