हममें से कई लोग ऐसे होते हैं जिन्हें हर समय ठंड लगती रहती है- चाहे मौसम गर्म ही क्यों न हो। कुछ लोग इसे अपनी आदत या “नॉर्मल” मान लेते हैं, लेकिन सच यह है कि बार-बार शरीर का ठंडा रहना कई बार किसी अंदरूनी समस्या का संकेत भी हो सकता है।
Health Tips : हममें से कई लोग ऐसे होते हैं जिन्हें हर समय ठंड लगती रहती है- चाहे मौसम गर्म ही क्यों न हो। कुछ लोग इसे अपनी आदत या “नॉर्मल” मान लेते हैं, लेकिन सच यह है कि बार-बार शरीर का ठंडा रहना कई बार किसी अंदरूनी समस्या का संकेत भी हो सकता है। इसे नजरअंदाज करना किसी बड़ी बीमारी का कारण हो सकता है। आइए जानते है इसके पीछे के 5 बड़े कारण।
खून की कमी (Anemia)
जब शरीर में रेड ब्लड सेल्स की कमी हो जाती है, तो ऑक्सीजन सही से पूरे शरीर तक नहीं पहुंच पाती। इसी वजह से शरीर ठंडा पड़ने लगता है। इसके साथ ये लक्षण भी दिख सकते हैं:
जल्दी थक जाना
त्वचा का पीला पड़ना
दिल की धड़कन तेज या अनियमित होना
थायरॉइड का असंतुलन (Hypothyroidism)
थायरॉइड एक छोटा सा ग्लैंड होता है, लेकिन यह आपके पूरे मेटाबॉलिज्म को कंट्रोल करता है।
अगर यह सही से काम नहीं करता, तो शरीर की गर्मी बनाने की क्षमता कम हो जाती है।
इसके साथ ये लक्षण भी दिख सकते हैं:
बाल झड़ना
ड्राई स्किन
वजन बढ़ना
कब्ज़
पीरियड्स में गड़बड़ी
डायबिटीज का असर
डायबिटीज सिर्फ शुगर तक सीमित नहीं है, यह धीरे-धीरे नसों और किडनी को भी प्रभावित करती है। इससे शरीर का तापमान कंट्रोल बिगड़ सकता है और ठंड ज्यादा लगती है। इसके साथ ये लक्षण भी दिख सकते हैं:
जी मिचलाना या उल्टी
सांस लेने में परेशानी
शरीर में सूजन
भूख कम लगना
एनोरेक्सिया (खाने से जुड़ा डिसऑर्डर)
यह एक ऐसा ईटिंग डिसऑर्डर है जिसमें व्यक्ति वजन बढ़ने के डर से बहुत कम खाना खाता है।
इस वजह से शरीर में फैट कम हो जाता है और शरीर गर्म नहीं रह पाता। इसके साथ ये लक्षण भी दिख सकते हैं:
जरूरत से ज्यादा पतलापन
पीरियड्स का रुकना
कमजोरी और ठंड लगना
ब्लड वेसल्स से जुड़ी समस्या
अगर आपके हाथ-पैर हमेशा ठंडे रहते हैं, तो यह ब्लड सर्कुलेशन की समस्या हो सकती है।
इसमें ब्लड वेसल्स सिकुड़ जाती हैं और शरीर के हिस्सों तक खून सही से नहीं पहुंच पाता।
इसके साथ ये लक्षण भी दिख सकते हैं:
हाथ-पैर ठंडे रहना
झुनझुनी या सुन्नपन
ब्लड क्लॉट का खतरा
हर समय ठंड लगना सामान्य नहीं है। अगर यह समस्या लगातार बनी रहे, तो इसे नजरअंदाज न करें और डॉक्टर से सलाह जरूर लें। अपने शरीर के संकेतों को समझें और समय पर ध्यान दें।