1. हिन्दी समाचार
  2. दुनिया
  3. North korea: शौक या मजबूरी ? नॉर्थ कोरिया के लोग बाघ , भालू, उदबिलाव को मारकर खा रहे हैं

North korea: शौक या मजबूरी ? नॉर्थ कोरिया के लोग बाघ , भालू, उदबिलाव को मारकर खा रहे हैं

उत्तर कोरिया में अगर आपके थाली में बाघ का मांस परोसा जाये है तो कोई  आश्चर्य की बात नहीं है क्यूंकी वहां लोग इस टाइम  बाघ, भालू और उदबिलाव जैसे जानवरों का शिकार भोजन के लिए कर रहे हैं।  ऐसा भी नहीं है कि लोग अपने शौक के तौर पर इस जीवों का शिकार कर रहे हैं। वहां लोगों की कुछ ऐसे मजबूरी है की जिन जीवों का मांस नहीं खाया जाता है उन्हे भी मारकर खाना पड़ता है । डेली स्टार की रिपोर्ट के अनुसार उत्तर कोरियाई लोग भूख से परेशान हो कर वो लोग यही वजह से बाघ और भालू जैसे जीवों को पका रहे हैं।

By Aakansha Upadhyay 
Updated Date

उत्तर कोरिया में अगर आपके थाली में बाघ का मांस परोसा जाये है तो कोई  आश्चर्य की बात नहीं है क्यूंकी वहां लोग इस टाइम  बाघ, भालू और उदबिलाव जैसे जानवरों का शिकार भोजन के लिए कर रहे हैं।  ऐसा भी नहीं है कि लोग अपने शौक के तौर पर इस जीवों का शिकार कर रहे हैं। वहां लोगों की कुछ ऐसे मजबूरी है की जिन जीवों का मांस नहीं खाया जाता है उन्हे भी मारकर खाना पड़ता है । डेली स्टार की रिपोर्ट के अनुसार उत्तर कोरियाई लोग भूख से परेशान हो कर वो लोग यही वजह से बाघ और भालू जैसे जीवों को पका रहे हैं। बता दें कि  उत्तर कोरिया में लोग वर्षों के अकाल से जूझ रहे हैं।  ऐसे में भूख से पीड़ित लोग बाघ और भालू का  मांस खाकर अपना भूख मिटा रहे हैं।

पढ़ें :- दिल्ली मेट्रो में अमेरिकी छात्रा से 'दरिंदगी', बोली- मेरे ब्रेस्ट को पकड़ा और नितंबों पर मारा थप्पड़, मैं कभी नहीं जाऊंगी भारत

उत्तरी कोरिया में लंबे आकाल के बाद बदल गई हैं चीजें किम जोंग-उन को जिंदगी में बेहतर चीजे तो मिल रही हैं, लेकिन अपने लोगों को भूखा रखने के लिए वे अक्सर सवालों के घेरे में रहे हैं। क्योंकि वहां राज्य व्यवस्थाएं ध्वस्त हो रही हैं.  लोगों के सामने खाद्यान्न का संकट है. ऐसे में लोग दुर्लभ जानवरों का शिकार करने से भी नहीं चूक रहे हैं। शिकार करते करते हालत इस कदर पहुँच गयी है कि जानवर बिलुप्त हो रहे हैं ।

वहाँ से निकले लोग , इंटरव्यू में हुआ खुलासा

वहां के कुछ लोगों ने खुलासा  किया  कि  नॉर्थ कोरिया से बाहर निकले 42 लोगों से बातचीत के बाद ये बातें सामने आई हैं।इन लोगों ने काफी हिम्मत जुटा कर अपने अलग-थलग देश के जीवनस्तर को लेकर रिपोर्ट करने का साहस किया. इसीनई रिपोर्ट में उत्तर कोरियाई लोगों के बदली भोजन शैली का भी चौंकाने वाला खुलासा हुआ,यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन के जोशुआ एल्वेस-पॉवेल ने द टाइम्स को बताया कि सुनने शायद थोड़ा अजीब लगे लेकिन उत्तर कोरिया में हर छोटे बड़े वैसे जानवरों का भी शिकार किया जा रहा है या उन्हें पकड़ा जा रहा है, जिनका उपभोग नहीं किया जाता है.

अकाल की वजह से बदल गई है भोजन शैली

पढ़ें :- China steel plant blast : चीन के इनर मंगोलिया क्षेत्र में स्टील प्लांट में भीषण विस्फोट; 2 की मौत 84 घायल

इस देश से निकाल रहे लोगों ने बताया कि कम्युनिस्ट स्टेट में वितरण प्रणाली धवस्त होने के बाद बड़े पैमाने पर शिकार शुरू हो गया है जिसमें सबसे ज्यादा टाइगर का शिकार किया जा रहा है । वो भी सिर्फ भोजन के लिए।  1990 के दशक के बाद पहली बार अकाल के कारण उत्तर कोरियाई लोगों को दोपहर का भोजन ढूंढ़ने के लिए भूखा रहना पड़ रहा है।  अब अर्थव्यवस्था में सुधार के बाद भी पशु व्यापार जारी रहा।

इसके साथ ही बता दें नॉर्थ कोरिया से निकले इन लोगों ने बताया कि नॉर्थ कोरिया जैसे कम्युनिस्ट स्टेट में वितरण प्रणाली धवस्त होने के बाद बड़े पैमाने पर शिकार शुरू हो गया है. इनमें सबसे ज्यादा बाघों का शिकार हो रहा है, वो भी सिर्फ भोजन के लिए।  1990 के दशक के बाद पहली बार अकाल के कारण उत्तर कोरियाई लोगों को दोपहर का भोजन ढूंढ़ने के लिए भूखा रहना पड़ रहा है।अब अर्थव्यवस्था में सुधार के बाद भी पशु व्यापार जारी रहा।

बाघों का स्वाद कैसा होता है?

वहीं अगर  बात करें की बाघ के मांस का स्वाद कैसा होता है तो बाघ का मांस सख्त, रेशेदार, कभी-कभी मछली जैसा या तीखा, बकरे या सूअर के मांस जैसा बताया जाता है. लेकिन इनका मांस कभी भी लोकप्रिय व्यंजन नहीं रहा है. दुनिया में बाघों को खाना दुर्लभ है, लेकिन कुछ एशियाई देशों में इसकी दुर्लभता के कारण इसे सैकड़ों पाउंड में बेचा जाता है।

 

पढ़ें :- Spain Train Accident 2026 : स्पेन में ट्रेन दुर्घटना में कम से कम 21 लोगों की मौत , दर्जनों घायल

 

 

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...