भारतीय डाक ने वित्तीय मोर्चे पर एक नया रिकॉर्ड बनाते हुए इतिहास रच दिया है। चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी अप्रैल-जून में विभाग का कुल राजस्व (Turnover) पहली बार ₹4,000 करोड़ को पार कर लिया है। केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने डाक विभाग की एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के बाद इस ऐतिहासिक सफलता की आधिकारिक रूप से घोषणा की।
नई दिल्ली। भारतीय डाक ने वित्तीय मोर्चे पर एक नया रिकॉर्ड बनाते हुए इतिहास रच दिया है। चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी अप्रैल-जून में विभाग का कुल राजस्व (Turnover) पहली बार ₹4,000 करोड़ को पार कर लिया है। केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने डाक विभाग की एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के बाद इस ऐतिहासिक सफलता की आधिकारिक रूप से घोषणा की। डाक विभाग के इतिहास में यह पहली बार ऐसा देखने को मिला है जब किसी वित्तीय वर्ष की शुरुआती तिमाही में ही राजस्व ने इस चमत्कारी आंकड़े को छुआ है।
वित्तीय प्रदर्शन के मुख्य आंकड़े
भारतीय डाक ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में कुल ₹4,008.95 करोड़ का राजस्व अर्जित किया है। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की इसी तिमाही में विभाग की कमाई ₹3,280 करोड़ थी। इस प्रकार सालाना आधार पर राजस्व में 22.2 प्रतिशत की शानदार वृद्धि हुई है। वर्तमान में डाक विभाग ने पूरे वित्त वर्ष के लिए ₹19,803 करोड़ की कमाई का लक्ष्य रखा है और इसका एक बड़ा हिस्सा इस साल के पहली तिमाही में ही हासिल कर लिया गया है।
बिजनेस वर्टिकल्स ने बढ़ाई कमाई
डिजिटल और आधुनिक लॉजिस्टिक्स अपनाने के कारण भारतीय डाक के सभी प्रमुख क्षेत्रों में भारी उछाल देखा गया—
नागरिक-केंद्रित सेवाएं: डाक विभाग को आधार सेवाओं, पासपोर्ट आवेदन और केवाईसी (KYC) जैसे कार्यों से होने वाली आय में सबसे तेज 85.7% की वृद्धि हुई। इसके वजह से यह राजस्व ₹109 करोड़ से बढ़कर ₹203 करोड़ हो गया।
पार्सल और लॉजिस्टिक्स सेवा: पार्सल बिजनेस में 49.9% की भारी बढ़त दर्ज की गई, जिससे कमाई ₹197 करोड़ से बढ़कर ₹296 करोड़ पर पहुंच गई।
मेल सेवाएं: पारंपरिक डाक और स्पीड पोस्ट सेवाओं ने भी मजबूत वापसी करते हुए 41.9% की बढ़ोतरी दिखाई। साथ ही इसका राजस्व ₹552 करोड़ से बढ़कर ₹783 करोड़ हो गया।
अंतरराष्ट्रीय व्यापार: वैश्विक स्तर पर चल रहे संकट के बावजूद भी भारतीय डाक के अंतरराष्ट्रीय व्यापार खंड में 34.3% का सुधार देखा गया।
प्रदर्शन में ये राज्य रहे सबसे आगे
डाक विभाग के इस ऐतिहासिक प्रदर्शन में देश के विभिन्न डाक सर्किलों ने शानदार योगदान दिया। समग्र प्रदर्शन के मामले में आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल शीर्ष तीन स्थानों पर रहे। इसके अलावा नागरिक सेवाओं में पश्चिम बंगाल 107% ग्रोथ और उत्तर प्रदेश 106% ग्रोथ के साथ सबसे आगे रहे। पार्सल क्षेत्र में बिहार और तमिलनाडु ने सबसे अच्छा प्रदर्शन किया, जबकि डाकघर बचत बैंक (POSB) में छत्तीसगढ़ और झारखंड सबसे आगे रहे।