ईरान और इजरायल-अमेरिका युद्ध अब 11वें दिन में प्रवेश कर गया है। ये देश एक दूसरे पर जमकर मिसाइलें और ड्रोन दाग रहे हैं। इसी बीच मध्य पूर्व में बढ़ते युद्ध के बीच अमेरिकी ऊर्जा मंत्री के एक सोशल मीडिया पोस्ट ने वैश्विक तेल बाजार में भारी हलचल पैदा कर दी।
Iran Strait of Hormuz : ईरान और इजरायल-अमेरिका युद्ध अब 11वें दिन में प्रवेश कर गया है। ये देश एक दूसरे पर जमकर मिसाइलें और ड्रोन दाग रहे हैं। इसी बीच मध्य पूर्व में बढ़ते युद्ध के बीच अमेरिकी ऊर्जा मंत्री के एक सोशल मीडिया पोस्ट ने वैश्विक तेल बाजार में भारी हलचल पैदा कर दी। खबरों के अनुसार, अमेरिका के ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट (Energy Minister Chris Wright) ने दावा किया कि अमेरिकी नौसेना ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे एक तेल टैंकर को सुरक्षा देते हुए एस्कॉर्ट किया है, ताकि दुनिया तक तेल की आपूर्ति जारी रह सके। लेकिन यह दावा ज्यादा देर तक नहीं टिक पाया। कुछ ही मिनटों बाद यह पोस्ट हटा दी गई और व्हाइट हाउस को आगे आकर सफाई देनी पड़ी।
हालांकि, यह जानकारी सामने आते ही तेल बाजार में तेज प्रतिक्रिया देखने को मिली. कुछ ही देर में कीमतों में उतार-चढ़ाव शुरू हो गया। इसके बाद व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलीन लेविट (White House Press Secretary Caroline Levitt) ने प्रेस ब्रीफिंग में साफ किया कि अमेरिकी नौसेना ने फिलहाल किसी भी तेल टैंकर को एस्कॉर्ट नहीं किया है।
वहीं दूसरी तरफ ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची (Iranian Foreign Minister Seyyed Abbas Araghchi) ने बुधवार (11 मार्च) को अमेरिका पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में गतिविधियों के बारे में फर्जी खबरें फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका फर्जी खबरों के जरिए ग्लोबल फाइनेंशियल मार्केट (Global Financial Market) में हेरफेर करने की कोशिश कर रहा है। दरअसल, ईरान का दावा है कि मंगलवार (10 मार्च) को अमेरिका के ऊर्जा मंत्री ने कथित तौर पर एक झूठ पोस्ट कर दिया कि एक अमेरिकी जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से आराम से निकल गया। इससे मार्केट बहुत ऊपर गया और तेल के दाम भी गिर गए।
उन्होंने अमेरिका को गंभीर आर्थिक परिणामों की चेतावनी देते हुए आगे कहा, “बाजार इतिहास की सबसे बड़ी कमी का सामना कर रहे हैं।” होर्मुज स्ट्रेट दुनिया का बहुत अहम समुद्री रास्ता है। हर साल दुनिया के करीब 20 फीसदी तेल इसी रास्ते से होकर गुजरता है।