ईरानी सेना (Iranian Military) ने कुवैत के दक्षिण में स्थित अल-ज़ूर पावर और डिसालिनेशन प्लांट को निशाना बनाया है। यह संयंत्र कुवैत के लिए पानी और बिजली आपूर्ति का एक महत्वपूर्ण केंद्र है। मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार, सुबह के समय हुए इस हमले से संयंत्र के एक बड़े हिस्से में आग लग गई और भारी नुकसान भी हो गया ।
नई दिल्ली। ईरानी सेना (Iranian Military) ने कुवैत के दक्षिण में स्थित अल-ज़ूर पावर और डिसालिनेशन प्लांट को निशाना बनाया है। यह संयंत्र कुवैत के लिए पानी और बिजली आपूर्ति का एक महत्वपूर्ण केंद्र है। मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार, सुबह के समय हुए इस हमले से संयंत्र के एक बड़े हिस्से में आग लग गई और भारी नुकसान भी हो गया ।
भारतीय नागरिक की मौत
कुवैत में भारतीय दूतावास (Embassy of India) ने स्पष्ट किया है कि इस हमले में संयंत्र में कार्यरत एक भारतीय नागरिक की मृत्यु हो गई है। मृतक की पहचान एक वरिष्ठ इंजीनियर के रूप में हुई है। इस हमले में कुछ अन्य कर्मचारी घायल भी हुए हैं, जिनमें से दो लोगों के भारतीय होने की खबर है। ईरान के अधिकारियों ने इस हमले को कुवैत द्वारा क्षेत्र में “शत्रुतापूर्ण गतिविधियों” और अमेरिका को सहयोग देने के जवाब में की गई कार्रवाई बताया है। ईरान ने चेतावनी दिया है कि यदि उनके हितों को नुकसान पहुंचाया गया, तो वे खाड़ी के अन्य महत्वपूर्ण तेल और ऊर्जा केंद्रों को भी निशाना बना सकता है।
कुवैत की प्रतिक्रिया
कुवैत सरकार (Government of Kuwait) ने इस हमले को अपनी संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का घोर उल्लंघन बताया है। कुवैत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
भारत सरकार का एक्शन
विदेश मंत्रालय (Ministry of External Affairs) स्थिति पर कड़ी नजर रखे हुए है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर (External Affairs Minister S. Jaishankar) ने कुवैत में अपने समकक्ष से बात की है और भारतीय नागरिक के मृत शरीर को जल्द से जल्द भारत लाने और घायलों को सर्वोत्तम इलाज दिलाने के लिए निर्देश जारी किया हैं। कुवैत में रह रहे लगभग 10 लाख भारतीयों की सुरक्षा को लेकर भी एडवाइजरी जारी की जा सकती है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी
इस हमले के तुरंत बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि खाड़ी क्षेत्र में युद्ध जैसी स्थिति बनने से वैश्विक ऊर्जा संकट बढ़ सकता है।
रिपोर्ट: सुशील कुमार साह