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हम कब तक अपने शहीदों की लाशें गिनते रहेंगे? 78 दिन में जम्मू-कश्मीर में 11 आतंकी हमला : प्रियंका गांधी

वायनाड लोकसभा सीट (Wayanad Lok Sabha Seat) से कांग्रेस प्रत्याशी व पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा (Priyanka Gandhi Vadra) ने एक्स पोस्ट पर लिखा कि जम्मू-कश्मीर में 4 जवानों की शहादत पर पूरा देश दुखी है और एकजुटता से आतंकवाद के खिलाफ खड़ा है। लेकिन लगातार बढ़ते आतंकवादी हमले गंभीर सवाल खड़े करते हैं।

By संतोष सिंह 
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नई दिल्ली। वायनाड लोकसभा सीट (Wayanad Lok Sabha Seat) से कांग्रेस प्रत्याशी व पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा (Priyanka Gandhi Vadra) ने एक्स पोस्ट पर लिखा कि जम्मू-कश्मीर में 4 जवानों की शहादत पर पूरा देश दुखी है और एकजुटता से आतंकवाद के खिलाफ खड़ा है। लेकिन लगातार बढ़ते आतंकवादी हमले गंभीर सवाल खड़े करते हैं। क्या देश के राजनीतिक नेतृत्व की भूमिका सिर्फ इतनी होनी चाहिए कि हर शहादत पर दुख जताकर मौन हो जाएं?

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प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) ने कहा कि पिछले 78 दिन में जम्मू-कश्मीर में 11 आतंकवादी हमले हो चुके हैं। इन हमलों में सेना और पुलिस के 13 जवान शहीद हुए। 9 जून को एक यात्री बस पर हुए हमले में 9 श्रद्धालु मारे गए। ये हमले और हमारे सैनिकों की शहादतें रोकने के लिए सरकार कूटनीतिक-रणनीतिक मोर्चे पर क्या उपाय कर रही है?

प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) ने कहा कि कभी नोटबंदी, कभी अनुच्छेद 370 के बहाने आतंकवाद को नेस्तनाबूद करने के फर्जी दावे की कीमत हमारे जवान अपनी जान देकर चुका रहे हैं। हम कब तक अपने शहीदों की लाशें गिनते रहेंगे?

जम्मू संभाग के जिला डोडा के देसा वन क्षेत्र में सोमवार को आतंकियों के साथ मुठभेड़ में देर रात तक चली मुठभेड़ में कैप्टन सहित चार जवान वीर गति को प्राप्त हो गए। सूत्रों के अनुसार, मुठभेड़ के दौरान सैन्य अधिकारी समेत चार सुरक्षाकर्मी घायल हो गए। घायलों की गंभीर हालत में इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान बहादुर पांच जवानों ने दम तोड़ दिया। सुरक्षाबलों ने इलाके की घेराबंदी कर रखी है। घटना स्थल पर अतिरिक्त सुरक्षाबलों को भेजा गया है। इलाके में तलाशी अभियान जारी है। आंतकियों की तलाश की जा रही है।

अधिकारियों ने बताया मुठभेड़ तब शुरू हुई जब राष्ट्रीय राइफल्स और जम्मू-कश्मीर पुलिस के विशेष अभियान समूह के जवानों ने शाम करीब 7.45 बजे देसा वन क्षेत्र के धारी गोटे उरारबागी में संयुक्त घेराबंदी और तलाशी अभियान शुरू किया।

सेना की ह्वाइट नाइट कोर ने एक्स पर पोस्ट में लिखा, विशिष्ट खुफिया सूचनाओं के आधार पर सेना और पुलिस की ओर से डोडा के उत्तर में सामान्य क्षेत्र में एक संयुक्त अभियान जारी था। रात लगभग 9 बजे आतंकियों से संपर्क स्थापित हुआ, जिसके बाद भारी गोलीबारी हुई। अतिरिक्त सैनिकों को इलाके में भेजा गया।

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ये हुए बलिदान

कैप्टन बृजेश थापा,

नायक डी राजेश,

सिपाही बिजेंद्र

सिपाही अजय सिंह, झुंझुनूं, राजस्थान

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