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Lok Sabha Elections 2024 : रामविलास पासवान के सियासी वारिस बनकर उभरे चिराग, पशुपति पारस के सामने पार्टी बचाने का संकट

बिहार में चाचा पशुपति  पारस (Pashupati  Paras) ने भतीजे चिराग पासवान (Chirag Paswan) की कुर्सी छीनकर खुद पार्टी पर कब्जा जमा लिया था, लेकिन वक्त ने लोकसभा चुनाव 2024 (Lok Sabha Elections 2024) से पहले ऐसी करवट ली कि रामविलास पासवान (Ram Vilas Paswan) के असली सियासी वारिस चिराग पासवान (Chirag Paswan)  बनकर उभरे।

By santosh singh 
Updated Date

नई दिल्ली। बिहार में चाचा पशुपति  पारस (Pashupati  Paras) ने भतीजे चिराग पासवान (Chirag Paswan) की कुर्सी छीनकर खुद पार्टी पर कब्जा जमा लिया था, लेकिन वक्त ने लोकसभा चुनाव 2024 (Lok Sabha Elections 2024) से पहले ऐसी करवट ली कि रामविलास पासवान (Ram Vilas Paswan) के असली सियासी वारिस चिराग पासवान (Chirag Paswan)  बनकर उभरे। इसीलिए बीजेपी ने बिहार में हुए सीट बंटवारे में पशुपति पारस (Pashupati Paras)  के बजाय चिराग को सियासी अहमियत देते हुए पांच सीटें देने का फैसला किया। जबकि पशुपति पारस (Pashupati Paras)  को एक भी सीट नहीं दी।

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बतातें चलें कि 2021 में पशुपति पारस (Pashupati Paras)  ने पार्टी के छह में पांच सांसदों को अपने साथ मिलाकर चिराग पासवान (Chirag Paswan)  से संसदीय दल के पद और पार्टी की कमान दोनों ही छीन लिया था। बीजेपी ने भी उस समय पशुपति पारस (Pashupati Paras) को ही असली एलजेपी माना था और मोदी कैबिनेट में उन्हें मंत्री बना दिया था। पशुपति भले ही केंद्र में मंत्री और एलजेपी की कमान अपने हाथों में ले ली, लेकिन रामविलास पासवान (Ram Vilas Paswan) के वारिस के तौर पर खुद को स्थापित नहीं कर सके।

वहीं, सांसद चिराग पासवान (Chirag Paswan) पार्टी सब कुछ गंवाने के बाद भी संघर्ष करते रहे सांसद वो अपने पिता रामविलास पासवान (Ram Vilas Paswan) की सियासी विरासत को दोबारा के पाने के लिए जद्दोजहद शुरू कर दी सांसद इस कड़ी में मोड़ तब आया जब नीतीश कुमार ने सियासी पलटी मारते हुए एनडीए का साथ छोड़कर महागठबंधन का हिस्सा बने गए सांसद चिराग पासवान ने बिहार के उपचुनाव में बीजेपी की खुली मदद की, जिसके चलते महागठबंधन को हार का मुंह देखना पड़ा। यहीं से पासा पलटने लगा और चिराग पासवान (Chirag Paswan)  ने हाजीपुर लोकसभा सीट (Hajipur Lok Sabha seat) पर अपनी दावेदारी पेश कर दी।

अब लोकसभा चुनाव 2024 (Lok Sabha Elections 2024) से पहले पशुपति कुमार पारस (Pashupati Kumar Paras) की लोक जनशक्ति पार्टी में बड़ी टूट होती दिख रही है। दरअसल सांसद वीणा देवी के बाद अब पारस गुट के एक और सांसद महबूब अली कैसर भी चिराग पासवान (Chirag Paswan)  से मिलने पहुंच गए। बता दें, केंद्रीय मंत्री पशुपति कुमार पारस (Union Minister Pashupati Kumar Paras) लगातार हाजीपुर सीट पर अपना दावा ठोक रहे हैं. वह वर्तमान में हाजीपुर के सांसद भी हैं। वहीं दूसरी तरफ चिराग पासवान (Chirag Paswan)  हाजीपुर का असली उत्तराधिकारी खुद को बताया है। इसको लेकर चाचा-भतीजे के बीच लगातार विवाद भी देखने को मिलता रहा।

हीं चाचा-भतीजे के बीच चल रहे विवाद के दौरान ही खबर सामने आ रही है कि BJP ने चिराग पासवान (Chirag Paswan)  को हाजीपुर सीट दे दी है। इसी के साथ चिराग गुट को पांच सीटें मिलनी तय हो गयी हैं, जिसके बाद से पारस गुट में हलचल तेज हो गई है, क्योंकि पारस गुट को अभी तक एक भी लोकसभा सीट नहीं दी गई है और पारस गुट के सांसद चिराग गुट से संपर्क कर रहे हैं।

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महबूब अली कैसर के मुलाकात के बाद हलचल तेज
बता दें, वैशाली सांसद वीना देवी पहले ही चिराग पासवान (Chirag Paswan)  के समर्थन में जा चुकी है। अब खगड़िया से सांसद महबूब अली कैसर भी चिराग पासवान से मुलाक़ात कर रहे हैं ताकि उन्हें चिराग गुट में जगह मिल जाए, क्योंकि राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी को एक भी लोकसभा किसी अभी तक नहीं मिली है। वहीं दूसरी तरफ चिराग गुट को लगभग पांच सीटें मिलनी तय हो गई हैं जबकि उनके चाचा पारस गुट में वर्तमान में चार सांसद है लेकिन उन्हें एक भी लोकसभा की सीट नहीं दी गई है।

पारस के सामने पार्टी बचाने का संकट

केंद्रीय मंत्री पशुपति कुमार पारस (Union Minister Pashupati Kumar Paras) और लगातार BJP के नेताओं से बातचीत करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने JP नड्डा से मिलने का समय भी मांगा है ताकि वो अपनी बातों को रख सके। अब ऐसे में पारस गुट के सामने अब अपनी पार्टी को बचाने के लिए बेचैनी बढ़ गई है क्योंकि अगर उन्हें एक भी सीट लोकसभा चुनाव 2024 (Lok Sabha Elections 2024)  में नहीं मिलती है तो हाजीपुर तो हाथ से जाएगी ही साथ ही पार्टी भी टूट सकती है।

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