LPG Crisis in Parliament : इजरायल और ईरान के बीच जारी जंग का असर भारत पर भी पड़ता नजर आ रहा है। देश के कई राज्यों से एलपीजी गैस सिंलेडर की सप्लाई में कमी की खबरें आ रही है। हालांकि केंद्र सरकार ने इसके उलट दावा किया है कि यह सब अफवाह है और इन पर ध्यान नहीं दिया जाए।
LPG Crisis in Parliament: इजरायल और ईरान के बीच जारी जंग का असर भारत पर भी पड़ता नजर आ रहा है। देश के कई राज्यों से एलपीजी गैस सिंलेडर की सप्लाई में कमी की खबरें आ रही है। हालांकि केंद्र सरकार ने इसके उलट दावा किया है कि यह सब अफवाह है और इन पर ध्यान नहीं दिया जाए। इसी बीच विपक्ष के कई सांसदों ने गुरुवार को LPG सिलेंडर की कमी और फ्यूल की बढ़ती कीमतों के दावों पर चिंता जताई, संसद में चर्चा की मांग की और सरकार पर सप्लाई की स्थिति को मैनेज करने में नाकाम रहने का आरोप लगाया। हालांकि, सत्ताधारी गठबंधन के नेताओं ने कहा कि घबराने की कोई बात नहीं है और भरोसा दिलाया कि देश में पर्याप्त स्टॉक मौजूद है।
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने बताया कि इस मुद्दे पर संसद में चर्चा होनी चाहिए और सरकार को जनता को स्थिति समझानी चाहिए। उन्होंने कहा कि कई जगहों पर LPG सिलेंडर के लिए लंबी लाइनें देखी जा रही हैं और सिलेंडर खत्म होने पर कई घरों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। थरूर ने कहा, कि कुछ रेस्टोरेंट ने कहा है कि उनके पास खाना पकाने के लिए गैस नहीं है। कई घरों में, जब सिलेंडर खत्म हो जाते हैं, तो लोगों को रिप्लेसमेंट पाने में दिक्कत होती है, और सरकार ने कीमतें बढ़ा दी हैं। उन्होंने कहा कि पार्लियामेंट ऐसे मुद्दे उठाने के लिए एक प्लेटफॉर्म है और सरकार को विपक्ष के सवालों का जवाब देना चाहिए, साथ ही लोगों को भरोसा दिलाना चाहिए कि समाधान निकाले जा रहे हैं।
आधे रेस्टोरेंट और खाने की जगहें बंद हो गई हैं
CPI(M) MP, जॉन ब्रिटास ने आरोप लगाया कि सरकार के 75 दिन की फ्यूल सप्लाई का दावा करने के बावजूद, कई जगहों पर कमी सामने आई है। उन्होंने कहा कि आधे रेस्टोरेंट और खाने की जगहें बंद हो गई हैं और ब्लैक मार्केट भी बन गया है। शिपिंग से लेकर माइनिंग तक, रोज़मर्रा की जिंदगी के सभी पहलू प्रभावित हुए हैं, सप्लाई चेन अस्त-व्यस्त है।’ उन्होंने पेट्रोलियम मिनिस्टर से स्थिति का जायजा लेने के लिए पूरे देश में घूमने की अपील की।
देश में गैस सिंलेडर को लेकर हाहाकार: कांग्रेस
कांग्रेस MP प्रणिति शिंदे ने कहा है कि उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और केरल समेत कई राज्यों से यह समस्या सामने आ रही है। उन्होंने कहा कि सरकार को स्थिति का अंदाज़ा लगाना चाहिए था और उसी के हिसाब से प्लान बनाना चाहिए था।
एक और कांग्रेस MP रंजीत रंजन ने आरोप लगाया कि कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी से छोटे खाने की जगहों और सड़क किनारे खाने के स्टॉल पर बहुत बुरा असर पड़ा है। उन्होंने कहा, ‘कई ढाबे जो दिहाड़ी मज़दूरों को 50 से 150 रुपये में खाना देते थे, बंद हो गए हैं। दिल्ली में कई जगहों पर रेस्टोरेंट और ढाबे या तो बंद हैं या बहुत कम चीज़ें परोस रहे हैं।’
2000 रुपये में खरीदा सिलेंडर : हरसिमरत कौर बादल
शिरोमणि अकाली दल की MP हरसिमरत कौर बादल ने भी हालात की बुराई करते हुए दावा किया कि बड़े पैमाने पर अफरा-तफरी मची हुई है। उन्होंने कहा,कि अगर मैं अपनी बात करूं, तो कल मैंने अपने घर के लिए 1,200 रुपये का सिलेंडर 2,000 रुपये में खरीदा।’
समाजवादी पार्टी के MP आनंद भदौरिया ने सरकार पर लोगों को बार-बार मुश्किलों में डालने का आरोप लगाया और कहा कि पेट्रोल, डीज़ल और रसोई गैस की बढ़ती कीमतों ने लोगों पर बोझ डाला है। उन्होंने कहा कि गोरखपुर जैसी जगहों पर लोग सिलेंडर के लिए लंबी लाइनों में खड़े हैं और उन्होंने सरकार से बढ़ती कीमतों पर जवाब मांगा।