1. हिन्दी समाचार
  2. उत्तर प्रदेश
  3. लखनऊ अग्निकांड: लापरवाह सिस्टम की भेंट चढ़ गए 14 परिवारों के चिराग, आग लगने के बाद याद आयेगी फायर एनओसी की बात?

लखनऊ अग्निकांड: लापरवाह सिस्टम की भेंट चढ़ गए 14 परिवारों के चिराग, आग लगने के बाद याद आयेगी फायर एनओसी की बात?

अब जरा सोचिए, उन परिजनों का जिनके बच्चे कुछ देर पहले हंसते-खेलते घर से निकले हों और कुछ देर बाद ही उनकी दर्दनाक मौत की खबर परिवार को मिलती है। उनके ऊपर क्या बीत रही होगी इसको शब्दों में बंया करना मुश्किल है लेकिन इस लापरवाह और भ्रष्ट सिस्टम को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है। अब यही ​भ्रष्ट सिस्टम उन पर कार्रवाई का ढिंढोरा पिटेगा और फायर एनओसी समेत अन्य की जांच पड़ताल करने में जुटेगा।

By शिव मौर्या 
Updated Date

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में हुए दर्दनाक अग्निकांड ने सबको झकझोर दिया। इस दर्दनाक हादसे में 14 परिवारों के चिराग बुझ गए, जिसमें सबसे ज्यादा छात्र शामिल हैं। इस अग्निकांड को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं। दरअसल, किसी बड़ी घटना के बाद ही जिम्मेदारों को फायर एनओसी, सेफ्टी समेत अन्य बातें याद आती हैं। इससे पहले भी लखनऊ में इस तरह की दर्दनाक घटनाएं हो चुकी हैं। झांसी के एक अस्पताल में भी आग लगने से कई बच्चों की जान चली गयी थी। लेकिन सिस्टम घटना के कुछ दिनों तक कार्रवाई का ढिंढोरा पिटता है लेकिन कुछ दिनों बाद सबकुछ भूल जाता है।

पढ़ें :- आधार में जन्मतिथि बदलवाने के नियम होंगे सख्त, 15 अक्तूबर से नई व्यवस्था होगी लागू

अब जरा सोचिए, उन परिजनों का जिनके बच्चे कुछ देर पहले हंसते-खेलते घर से निकले हों और कुछ देर बाद ही उनकी दर्दनाक मौत की खबर परिवार को मिलती है। उनके ऊपर क्या बीत रही होगी? इसको शब्दों में बंया करना मुश्किल है लेकिन इस लापरवाह और भ्रष्ट सिस्टम को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है? अब यही ​भ्रष्ट सिस्टम उन पर कार्रवाई का ढिंढोरा पिटेगा और फायर एनओसी समेत अन्य की जांच पड़ताल करने में जुटेगा।

लेकिन सवाल इन सबके बीच भी उठेगा कि आखिर ये पहले क्यों नहीं हुआ? क्या यह सिस्टम इस तरह की दर्दनाक घटनाओं का इंतजार कर रहा था? ये अग्निकांड में मरे हुए लोग नहीं बल्कि सिस्टम की लापरवाही की भेंट चढ़े लोग हैं? इससे पहले हुई तमाम घटनाओं से भी सिस्टम ने सीख नहीं लिया, जिसके कारण आज इस तरह की घटनाएं हो रही हैं।

बता दें कि, अलीगंज स्थित कोचिंग में भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। राहत और बचाव का कार्य शुरू किया गया तब तक आग की लपेटें भीषण रूप ले चुकी थीं। इस अग्निकांड की चपेट में आने से 14 लोगों की जान चली गयी है। वहीं मौके पर डीजीपी राजीव कृष्ण और प्रमुख सचिव संजय प्रसाद भी पहुंच गए हैं। लखनऊ के जिलाधिकारी और प्रशासनिक टीम के साथ पुलिस बल मौजूद है। राहत बचाव कार्य लगातार जारी है।

 

पढ़ें :- UP में कांग्रेस को जल्द मिल सकता है नया प्रदेश अध्यक्ष, इन नामों की सबसे ज्यादा चर्चा

 

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...