संसद के बजट सत्र (Parliament Budget Session) में हिस्सा लेने पहुंची TMC सांसद महुआ मोइत्रा (TMC MP Mahua Moitra) ने कहा कि संसद में कोई हंगामा नहीं हुआ। यह अविश्वसनीय है कि सत्ताधारी पार्टी और ट्रेजरी बेंच, जिसमें प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और संसदीय कार्य मंत्री (Parliamentary Affairs Minister) शामिल हैं।
नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र (Parliament Budget Session) में हिस्सा लेने पहुंची TMC सांसद महुआ मोइत्रा (TMC MP Mahua Moitra) ने कहा कि संसद में कोई हंगामा नहीं हुआ। यह अविश्वसनीय है कि सत्ताधारी पार्टी और ट्रेजरी बेंच, जिसमें प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और संसदीय कार्य मंत्री (Parliamentary Affairs Minister) शामिल हैं। विपक्ष के बारे में कुछ भी कैसे कह सकते हैं। वे हमें देशद्रोही (Unpatriotic) कहते हैं। वे नियमित रूप से नेहरू का ज़िक्र करते हैं। वे विपक्ष के हर बड़े नेता का ज़िक्र करते हैं। वे हमें देशद्रोही (Unpatriotic) कहते हैं। वे हम पर आरोप लगाते हैं और यह सब ठीक है। ऐसा कोई नियम नहीं है जो इसे रोकता हो। वे कुछ भी कह सकते हैं।
VIDEO | Parliament Budget Session: TMC MP Mahua Moitra (@MahuaMoitra) says, “…There was no ruckus in Parliament. It is unbelievable how the ruling party and the treasury benches, including the Prime Minister, the Home Minister and the Parliamentary Affairs Minister, can say… pic.twitter.com/4GnyQS2cfe
— Press Trust of India (@PTI_News) February 2, 2026
महुआ मोइत्रा (Mahua Moitra) ने कहा कि तेजस्वी सूर्या (Tejasvi Surya) जैसा कोई भी खड़ा होकर कुछ भी कह सकता है और उसकी तारीफ़ होती है और फिर, जब हम विपक्ष के तौर पर कुछ कहने के लिए खड़े होते हैं, तो हमारे अधिकार छीन लिए जाते हैं और हमें बताया जाता है कि इस पर एक नियम है। वह कह रहे हैं कि नियम 349 कहता है कि आप सदन के कामकाज के अलावा कुछ भी नहीं कह सकते। आज सदन के कामकाज में राष्ट्रपति का अभिभाषण है और राष्ट्रपति हर चीज़ के बारे में बात करते हैं। क्या आप मुझसे कह रहे हैं कि भारत-चीन संबंधों (India–China Relations) का ज़िक्र सदन में नहीं किया जा सकता? भारत-पाकिस्तान संबंधों (India–Pakistan Relations) का ज़िक्र सदन में नहीं किया जा सकता? भारत-अमेरिका संबंधों (India–US Relations) का ज़िक्र सदन में नहीं किया जा सकता? हमें किस बारे में बात करनी चाहिए? बैठ जाएं और जय प्रधानमंत्री करें? क्या हमें सदन में बस यही करना चाहिए?