भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के 18 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश को लेकर 'हाई अलर्ट' जारी किया है। लगातार हो रही बारिश की वजह से नदियां उफान पर हैं, निचले इलाकों में पानी भर गया है और आम जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो चुका है। मौसम विभाग ने अगले 24 से 48 घंटों के दौरान लोगों को बेहद सावधान रहने की सलाह दी है।
Monsoon Alert: देशभर में कुदरत का मिज़ाज लगातार बिगड़ा हुआ है। मानसून की मूसलाधार बारिश अब कई राज्यों में राहत के बजाय आफत बनती जा रही है। उत्तर प्रदेश में बारिश का सबसे ज्यादा असर देखने को मिल रहा है। लगातार हो रहे मूसलाधार पानी की वजह से राज्य की प्रमुख नदियां खतरे के निशान के पास या उससे ऊपर बह रही हैं। हाल ही में तेज़ बहाव के कारण एक पुराना पुल ढह गया, जिससे दर्जनों गांवों का संपर्क मुख्य शहरों से कट गया है। हालांकि प्रशासन ने समय रहते रास्ते बंद कर दिए थे, जिससे एक बड़ा हादसा होने से टल गया। प्रशासन ने नदी किनारे बसे इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की हिदायत दी है।
पड़ोसी राज्य बिहार में भी हालात चिंताजनक बने हुए हैं। पटना, भागलपुर और बक्सर समेत कई प्रमुख जिलों में गंगा और अन्य नदियां उफान पर हैं। नदी का पानी तटीय इलाकों और निचले रिहायशी क्षेत्रों में घुस गया है। लोग अपना घर-बार छोड़कर राहत शिविरों में शरण लेने को मजबूर हैं। कटान और जलभराव की वजह से किसानों की फसलें भी डूब चुकी हैं, जिससे उन्हें भारी नुकसान की आशंका है।

मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के कई ज़िलों में मौसम विभाग ने रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन राज्यों में तेज़ हवाएं चलने, बिजली कड़कने और कुछ घंटों में भारी बारिश की आशंका जताई गई है। पहाड़ी और मैदानी दोनों क्षेत्रों में पानी का भराव होने से सड़कों पर यातायात प्रभावित हुआ है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमों को तैनात कर दिया गया है।
IMD के अनुसार, राजस्थान, गुजरात, ओडिशा और उत्तराखंड समेत कुल 18 राज्यों में अगले दो दिनों तक मूसलाधार बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। मौसम विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि जब तक कोई बहुत जरूरी काम न हो, घर से बाहर न निकलें। जलभराव वाले रास्तों पर गाड़ी चलाने से बचें।बिजली के खंभों और पुराने पेड़ों के नीचे शरण न लें।आपातकालीन स्थिति में तुरंत स्थानीय प्रशासन या हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें। प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है और हालात पर लगातार नज़र बनाए हुए है।
मौसम के इस बिगड़े मिज़ाज को देखते हुए सभी प्रभावित राज्यों में सरकारी मशीनरी पूरी तरह एक्टिव मोड में है। कंट्रोल रूम 24 घंटे काम कर रहे हैं ताकि किसी भी अनहोनी से तुरंत निपटा जा सके।
रिपोर्ट- दीपांजली मिश्रा