1. हिन्दी समाचार
  2. दिल्ली
  3. महिला सुरक्षा के लिए मोबाइल एप लॉन्च करेगी ममता सरकार ,महिलाओं की रात की न लगाएं ड्यूटी

महिला सुरक्षा के लिए मोबाइल एप लॉन्च करेगी ममता सरकार ,महिलाओं की रात की न लगाएं ड्यूटी

कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज (Kolkata RG Kar Medical College) में महिला डॉक्टर की दुष्कर्म के बाद हत्या की घटना से बंगाल सरकार बैकफुट पर नजर आ रही है। कोलकाता की घटना को लेकर देशभर में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।

By santosh singh 
Updated Date

नई दिल्ली। कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज (Kolkata RG Kar Medical College) में महिला डॉक्टर की दुष्कर्म के बाद हत्या की घटना से बंगाल सरकार बैकफुट पर नजर आ रही है। कोलकाता की घटना को लेकर देशभर में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। यही वजह है कि बंगाल सरकार ने भी महिलाओं की सुरक्षा मजबूत करने के लिए कुछ दिशा निर्देश जारी करने की तैयारी की हैं।

पढ़ें :- Viral Video: लड़की को आई नींद तो लड़का ट्रेन में अश्लीलता पर उतरा तो इस तरह सिखाया सबक 

महिला सुरक्षा (Women Safety) के मुद्दे पर शनिवार को एक बैठक हुई, जिसमें सीएम ममता बनर्जी भी वर्चुअली शामिल हुईं। इस बैठक में ही सरकारी संस्थानों में महिला सुरक्षा के लिए दिशा निर्देश तय किए गए। मुख्यमंत्री के सलाहकार अलापन बंदोपाध्याय ने बताया कि जल्द ही इस संबंध में आदेश जारी कर दिया जाएगा और जल्द ही उन्हें लागू कर दिया जाएगा।

इनके मुताबिक महिला सुरक्षा (Women Safety) से जुड़ी एक मोबाइल एप लॉन्च की जाएगी। साथ ही सुरक्षाकर्मियों में महिलाओं की भी भर्ती की जाएगी और साथ ही संस्थानों को महिलाओं की रात की ड्यूटी न लगाने के लिए कहा जाएगा।

निर्भया के दोषियों को 2020 में फांसी दी गई लेकिन उससे पहले और बाद में इतनी घटनाएं हुईं,किसको न्याय मिला?

कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज (Kolkata RG Kar Medical College) में डॉक्टर की दुष्कर्म के बाद हत्या की घटना पर निर्भया की मां आशा देवी का कहा कि, ‘मुझे नहीं लगता कि महिलाओं की सुरक्षा और महिलाओं के खिलाफ अपराधों को न्याय के कठघरे में लाने के लिए कुछ किया गया है, कानून जरूर बनाए गए लेकिन कोई काम नहीं हुआ। निर्भया के दोषियों को 2020 में फांसी दी गई लेकिन उससे पहले और बाद में इतनी घटनाएं हुईं,किसको न्याय मिला? घटनाएं रोज हो रही हैं।

पढ़ें :- Yogi Cabinet : सरकारी वकीलों का मानदेय बढ़ा, मंथली रिटेनरशिप के ऊपर बहस की नई फीस फिक्स

महिलाओं की जरूरतों का ख्याल नहीं रखेंगे तो महिलाएं कैसे सुरक्षित रहेंगी?

अगर आप दोषियों को सजा नहीं देंगे और उन्हें जेल में नहीं डालेंगे। महिलाओं की जरूरतों का ख्याल नहीं रखेंगे तो महिलाएं कैसे सुरक्षित रहेंगी? जब तक दोषियों को सजा नहीं मिलेगी, जब तक फास्ट ट्रैक कोर्ट में काम नहीं होगा और जब तक बनाए गए कानूनों पर काम नहीं होगा तब तक समाज की मानसिकता नहीं बदलेगी और महिलाएं सुरक्षित नहीं होंगी।’

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...