सनातन धर्म में भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप यानी लड्डू गोपाल की सेवा और पूजा का विशेष महत्व है। संत सूरदास ने भगवान कृष्ण की बाललीलाओं पर पद और सवैया गा कर उनकी रसमयी भक्ति की।
Masik Janmashtami 2026 : सनातन धर्म में भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप यानी लड्डू गोपाल की सेवा और पूजा का विशेष महत्व है। संत सूरदास ने भगवान कृष्ण की बाललीलाओं पर पद और सवैया गा कर उनकी रसमयी भक्ति की। लोकजीवन में गृहस्थ घर में लड्डू गोपाल की नियमित और सच्चे मन से सेवा करते हैं। ऐसी पौराणिक मान्यता है कि जिस घर में भगवान कृष्ण के लड्डू गोपाल स्वरूप की पूजा निमयमित होती है वहां समृद्धि विराजती है। वहां कभी दुख, दरिद्रता और संकट पैर नहीं पसार सकते।
हर साल आने वाली भाद्रपद महीने की मुख्य कृष्ण जन्माष्टमी के बारे में तो सभी जानते हैं, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि हर महीने के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मासिक जन्माष्टमी मनाई जाती है।
इस बार आषाढ़ मास की मासिक जन्माष्टमी जुलाई के महीने में पड़ रही है। आइए जानते हैं आषाढ़ मासिक जन्माष्टमी की सही तारीख।
द्रिक पंचांग के अनुसार आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की जन्माष्टमी तिथि 7 जुलाई 2026, मंगलवार को दोपहर 12:06 बजे शुरू होगी, जबकि 8 जुलाई 2026, बुधवार को दोपहर 12:40 बजे इसका समापन होगा। चूंकि भगवान श्रीकृष्ण का जन्म मध्यरात्रि में माना जाता है, इसलिए मासिक जन्माष्टमी का व्रत और पूजा 7 जुलाई 2026, मंगलवार को ही की जाएगी।
इस दिन श्रद्धालु अपनी क्षमता और श्रद्धा के अनुसार व्रत रखते हैं। जरूरतमंद लोगों को भोजन, वस्त्र या अन्य आवश्यक वस्तुओं का दान करना भी शुभ माना जाता है। श्रीमद्भागवत गीता का पाठ, श्रीकृष्ण के नाम का स्मरण और भजन-कीर्तन करने से भी विशेष पुण्य की प्राप्ति होने की मान्यता है।