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मायावती, बोलीं- आनंद कुमार के बेटों को BSP में नहीं मिलेगा कोई पद,भाई की बेटी दीपिका आनंद पार्टी के मिशन को बढ़ाएगी आगे

बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती (Mayawati) ने पार्टी में परिवारवाद को सिरे से खारिज कर दिया है। सोशल मीडिया एक्स पर बेहद सक्रिय मायावती (Mayawati) ने शनिवार को भी अपनी एक पोस्ट से पार्टी की नीति और सिद्धांत को काफी स्पष्ट कर दिया है। उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती (Mayawati) ने अपने भाई आनंद कुमार के किसी भी बेटे को बहुजन समाज पार्टी में कोई भी पद देने से साफ मना कर दिया है।

By santosh singh 
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लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती (Mayawati) ने पार्टी में परिवारवाद को सिरे से खारिज कर दिया है। सोशल मीडिया एक्स पर बेहद सक्रिय मायावती (Mayawati) ने शनिवार को भी अपनी एक पोस्ट से पार्टी की नीति और सिद्धांत को काफी स्पष्ट कर दिया है। उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती (Mayawati) ने अपने भाई आनंद कुमार के किसी भी बेटे को बहुजन समाज पार्टी में कोई भी पद देने से साफ मना कर दिया है। बसपा प्रमुख मायावती (Mayawati) ने पोस्ट में लिखा कि उनके छोटे भाई आनंद कुमार के किसी भी बेटे को पार्टी में कोई छोटा-बड़ा पद नहीं दिया जाएगा। आगे भी उनके बच्चों को भी पार्टी की जिम्मेदारी नहीं सौंपी जाएगी।

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बसपा सुप्रीमो (BSP Supremo) ने स्पष्ट कहा कि आनंद कुमार के किसी बेटे को पार्टी में कोई अहम जिम्मेदारी नहीं जाएगी। जरूरत पड़ने पर उनकी बेटी कुमारी दीपिका आनंद, जो वकालत की पढ़ाई कर रही हैं, भविष्य में उनकी मदद कर सकती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि वह तैयार नहीं होती हैं तो पार्टी की सहमति से किसी मिशनरी कार्यकर्ता को जिम्मेदारी दी जा सकती है।। मायावती (Mayawati) ने कहा कि किसी एक व्यक्ति को जिम्मेदारी मिलने की आड़ में उसके परिवार के दूसरे सदस्यों को राजनीतिक लाभ नहीं दिया जाएगा। उन्होंने पार्टी संगठन में युवाओं को करीब 50 प्रतिशत तक की भागीदारी देने की बात भी कही है। मायावती (Mayawati) ने उत्तर प्रदेश के साथ उत्तराखंड व पंजाब के विधानसभा चुनाव में युवा प्रतिभाओं को उम्मीदवार बनाने में प्राथमिकता देने की बात भी कही। पार्टी से निष्कासित नेताओं की वापसी की खबरों को मायावती ने ‘फेक न्यूज’ बताया।

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बसपा में युवाओं, विशेषकर जेन-जी और नई पीढ़ी को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया लंबे समय से जारी

बहुजन समाज पार्टी (BSP) प्रमुख मायावती (Mayawati)  ने पार्टी संगठन और आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर बड़ा संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि पार्टी में युवाओं, विशेषकर जेन-जी और नई पीढ़ी को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया लंबे समय से जारी है। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब विधानसभा चुनावों में भी सर्वसमाज के कर्मठ, योग्य और युवा प्रतिभाओं को उम्मीदवार बनाने में प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं। मायावती (Mayawati) ने कहा कि इसका उद्देश्य नई पीढ़ी के माध्यम से देश में अंबेडकरवादी राजनीति और संवैधानिक मूल्यों को मजबूत करना है। उन्होंने भारतीय संविधान के मानवतावादी, समतामूलक और धर्मनिरपेक्ष उद्देश्यों को जमीन पर लागू करने पर जोर दिया। साथ ही, उत्तर प्रदेश में बसपा की पूर्व सरकारों को कानून-व्यवस्था, जनहित, जनकल्याण और विकास के क्षेत्र में बेहतर सरकार बताया।

उन्होंने कहा कि बसपा शासन के दौरान सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और शहरी-ग्रामीण विकास के साथ स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय, छात्रावास, प्रशिक्षण केंद्र और पार्क आदि के निर्माण पर काम किया गया। मायावती (Mayawati) ने दावा किया कि इन प्रयासों से लोगों का मजबूरी में पलायन भी काफी हद तक रुका। बसपा प्रमुख (BSP Supremo)  ने पार्टी कार्यकर्ताओं को उम्मीदवार चयन में सर्वसमाज के अच्छे लोगों के साथ युवा महिला और पुरुषों को भी प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने परिवारवाद के मुद्दे पर भी अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि उनके परिवार के किसी सदस्य को राजनीतिक लाभ दिलाने की नीति नहीं रही है।

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