मानसून में झर झर बहते जीवित हो उठते है। झरने प्राकृतिक सौंदर्य का अद्भुत दृश्य पेश करते हैं। झरने हरियाली और एडवेंचर का शानदार एक्सपीरियंस देते हैं।
Monsoon Trip Waterfalls : मानसून में झर झर बहते जीवित हो उठते है। झरने प्राकृतिक सौंदर्य का अद्भुत दृश्य पेश करते हैं। झरने हरियाली और एडवेंचर का शानदार एक्सपीरियंस देते हैं। कुल मिलाकर ये कहा जा सकता है कि झरने मानसून ट्रिप को यादगार, रोमांचक और नेचर से भरपूर बना देते हैं।
दूधसागर
मानसून में यह झरना अपने नाम की तरह “दूध का सागर” लगने लगता है। लगभग 300 मीटर की ऊंचाई से गिरता पानी चार अलग-अलग स्तरों में टूटकर नीचे आता है, जिससे चारों तरफ सफेद धुंध और स्प्रे का बादल बन जाता है। यह झरना घने भगवान महावीर वन्यजीव अभयारण्य के बीच है, इसलिए यहां पहुंचना भी एक एडवेंचर होता है—ट्रेन से गुजरते समय झरने का व्यू बेहद फिल्मी लगता है।
अथिरापल्ली झरना
“भारत का नियाग्रा” कहा जाने वाला यह झरना लगभग 80 फीट चौड़ा है और मानसून में इसका पानी इतना शक्तिशाली हो जाता है कि यह पूरा क्षेत्र कंपन करता हुआ महसूस होता है। यह पश्चिमी घाट के घने जंगलों में है, जहां हाथी और कई वन्यजीव भी पाए जाते हैं।
जोग झरना
जहां बादल और पानी एक साथ मिल जाते हैं, यह झरना चार अलग-अलग धाराओं—राजा, रॉकेट, रानी और रोअरर—में गिरता है। मानसून में ये चारों धाराएं मिलकर एक विशाल सफेद दीवार जैसी बन जाती हैं। लगभग 830 फीट की ऊंचाई से गिरता यह झरना भारत के सबसे ऊंचे झरनों में गिना जाता है। बारिश में यहां का व्यू भव्य होता है ।