यूपी की शिव नगरी वाराणसी (Varanasi) में महाशिवरात्रि (Mahashivratri) की तैयारियां शुरू हो गई हैं। विश्वनाथ मंदिर न्यास परिषद (Vishwanath Temple Trust Council) ने भी महाशिवरात्रि (Mahashivratri) को लेकर श्रद्धालुओं के लिए एडवाइजरी जारी (Advisory Issued) कर दी है।
वाराणसी। यूपी की शिव नगरी वाराणसी (Varanasi) में महाशिवरात्रि (Mahashivratri) की तैयारियां शुरू हो गई हैं। विश्वनाथ मंदिर न्यास परिषद (Vishwanath Temple Trust Council) ने भी महाशिवरात्रि (Mahashivratri) को लेकर श्रद्धालुओं के लिए एडवाइजरी जारी (Advisory Issued) कर दी है। इस एडवाइजरी में बाबा की चार पहर की आरती के साथ-साथ मंदिर खुलने का समय और प्रोटोकॉल समेत कुछ सामानों के प्रवेश पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। अनुमान के अनुसार, लगभग 10 लाख श्रद्धालु महाशिवरात्रि (Mahashivratri) पर बाबा विश्वनाथ (Baba Vishwanath) के दर्शन करेंगे।
महाशिवरात्रि (Mahashivratri) पर शिव की नगरी काशी में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ता है। लाखों श्रद्धालु काशी पहुंच बाबा विश्वनाथ (Baba Vishwanath) के दरबार में अपनी उपस्थित दर्ज कराते हैं। इसी कड़ी में मंदिर न्यास ने चारों पहर की आरती का समय जारी किया है। इसमें 15 फरवरी यानी महाशिवरात्रि (Mahashivratri) को सुबह मंगलारती के बाद श्रद्धालुओं के लिए दर्शन शुरू किए जाएंगे, जो लगातार 16 फरवरी की रात दो बजे तक जारी रहेंगे। यानी 26 घंटे लगातार बाबा विश्वनाथ श्रद्धालुओं के दर्शन कर पाएंगे।
श्रद्धालुओं के लिए मंदिर प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किया हुआ है। सुरक्षा को ध्यान के रखते हुए इलेक्ट्रॉनिक सामान और बेल्ट और पर्स पर प्रतिबंध लगा दिया है। उस दिन मंदिर परिसर में लॉकर की सुविधा नहीं दी जाएगी। मंदिर प्रशासन ने इसके लिए श्रद्धालुओं से अपील की है कि चमड़े का सामान या इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के लिए लगेज काउंटर और बैगेज काउंटर बंद रहेंगे। इसलिए ऐसे सामानों को लेकर दर्शन करने न आए। सीईओ विश्व भूषण मिश्रा (CEO Vishwa Bhushan Mishra) ने कहा कि इस दौरान प्रोटोकॉल दर्शन के साथ स्पर्श दर्शन पर भी रोक रहेगी, ताकि श्रद्धालुओं को इसके कारण कोई असुविधा न हो।