1. हिन्दी समाचार
  2. दिल्ली
  3. पद्म श्री पुरस्कार विजेता शंकर महादेवन ने अपना गूंगुनालो ऐप किया लांच, सिंगर अब आसानी से इस पर बना सकते है अपना भविष्य

पद्म श्री पुरस्कार विजेता शंकर महादेवन ने अपना गूंगुनालो ऐप किया लांच, सिंगर अब आसानी से इस पर बना सकते है अपना भविष्य

मुंबई में लॉन्च हुए गूंगुनालो नाम के म्यूज़िक प्लेटफॉर्म से आर्टिस्ट अपने म्यूज़िक के मालिक बन सकते हैं और अपना भविष्य खुद बना सकते हैं। अपने पहले ही दिन गूंगुनालो ऐप ने 100 ओरिजिनल गाने रिलीज़ किए। इन 100 गानों में, सिंगर्स, कंपोज़र्स, प्रोड्यूसर्स और गीतकारों ने बराबरी से मिलकर काम किया और एक-दूसरे से कोई फीस नहीं ली।

By Satish Singh 
Updated Date

नई दिल्ली। मुंबई में लॉन्च हुए गूंगुनालो नाम के म्यूज़िक प्लेटफॉर्म से आर्टिस्ट अपने म्यूज़िक के मालिक बन सकते हैं और अपना भविष्य खुद बना सकते हैं। अपने पहले ही दिन गूंगुनालो ऐप (Gungunalo App) ने 100 ओरिजिनल गाने रिलीज़ किए। इन 100 गानों में, सिंगर्स, कंपोज़र्स, प्रोड्यूसर्स और गीतकारों ने बराबरी से मिलकर काम किया और एक-दूसरे से कोई फीस नहीं ली। शुक्रवार को लॉन्च में मौजूद आर्टिस्ट इन्वेस्टर्स में जावेद अख्तर, हरिहरन, शंकर महादेवन, प्रसून जोशी, श्रेया घोषाल, समीर अंजान, शान, अंगराग महंत (पैपॉन), मिलिंद श्रीवास्तव, आनंद श्रीवास्तव, विजय प्रकाश, ललित पंडित, आकृति कक्कड़, अक्षय हरिहरन और अन्य शामिल थे।

पढ़ें :- VIDEO: ​फिल्म बॉर्डर-2 के घर कब आओगे गाने का टीजर रिलीज, 23 जनवरी को सिनेमाघरों में रिलीज होगी फिल्म

गीतकार जावेद अख्तर ने बताया कि गूंगुनालो कैसे काम करता है और यह खास क्यों है। उन्होंने कहा कि दूसरे ऐप्स के उलट जो पहले से मौजूद गानों का इस्तेमाल करते हैं। यह प्लेटफॉर्म खुद इसके क्रिएटर्स का है। दूसरे ऐप्स ऐसे गाने इस्तेमाल करते हैं जो पहले से बने हुए हैं। लेकिन यह ऐप क्रिएटर्स का है। म्यूज़िक डायरेक्टर, गीतकार और सिंगर इसके मालिक हैं। हममें से हर कोई हर साल कम से कम चार नए गाने डालेगा। सिंगर और कंपोज़र शंकर महादेवन ने इस दिन को म्यूज़िक और क्रिएटिविटी के लिए एक अहम दिन बताया। आज म्यूज़िक, कविता और क्रिएटिविटी की दुनिया के लिए बहुत खास दिन है। यह अपनी तरह का अनोखा प्लेटफॉर्म है जहां आर्टिस्ट को पूरी क्रिएटिव आज़ादी मिलती है। सिंगर शान ने भी बताया कि इस तरह की आर्टिस्ट-ओन्ड कंपनी पहले कभी नहीं बनी। दुनिया में कहीं भी म्यूज़िक, कंपोज़र, गीतकार और सिंगर्स जैसे आर्टिस्ट द्वारा बनाई गई ऐसी म्यूज़िक कंपनी नहीं है। गूंगुनालो में हम आखिरकार उन ग़ज़लों, विचारों और गानों को गा सकते हैं जो कई सालों से हमारे दिल में थे, लेकिन हमें यकीन नहीं था कि उन्हें कमर्शियली स्वीकार किया जाएगा या नहीं। गीतकार प्रसून जोशी ने बताया कि उन्होंने इस प्लेटफॉर्म से जुड़ने का फैसला कैसे किया। जब शंकर और टीम ने मुझे शुरू में बुलाया, तो मुझे लगा कि यह बहुत अच्छे लोगों का ग्रुप है। मैं इसमें शामिल होना चाहता था और इसका हिस्सा बनना चाहता था। भजन गायक अनूप जलोटा ने युवा संगीतकारों को इस प्लेटफॉर्म से जुड़ने के लिए इनवाइट किया।

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...