पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में सूबे में इमरजेंसी लागू होने के बाद इमरान की पार्टी PTI केनेताओं पर कार्रवाई हुई है। खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में आपातकाल लागू होने के कुछ ही घंटों बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। नेताओं पर हुई कार्रवाई ने सरकार और विपक्ष के बीच टकराव बढ़ा दिया है।
Pakistan : पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में सूबे में इमरजेंसी लागू होने के बाद इमरान की पार्टी PTI केनेताओं पर कार्रवाई हुई है। खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में आपातकाल लागू होने के कुछ ही घंटों बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। नेताओं पर हुई कार्रवाई ने सरकार और विपक्ष के बीच टकराव बढ़ा दिया है।
इस घटनाक्रम के बाद पूर्व मुख्यमंत्री अली अमीन गंडापुर को उनके घर में नजरबंद कर दिया गया है। इतना ही नहीं पूर्व मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी और सूबे में पीटीआई के अध्यक्ष जुनैद अकबर को हिरासत में लिए जाने की खबर है। प्रांत की जिम्मेदारी गवर्नर को सौंप दी गई हैं। इमरान खान पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री हैं और फिलहाल जेल में हैं।
खबरों के अनुसार, खैबर पख्तूनख्वा में आपातकाल लगाने के पीछे इलाके की पीटीआई सरकार पर बढ़ती उग्रवादी गतिविधियों को नियंत्रित करने में नाकाम रहने के आरोप बताए जा रहे हैं, जिसे उनकी ओर से खारिज किया गया है।
पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और संघीय कैबिनेट की सलाह के बाद खैबर पख्तूनख्वा में इमरजेंसी को मंजूरी दी ।
कब तक रहेगी सेना की तैनाती?
पाकिस्तान की केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि सेना की तैनाती तब तक रहेगी, जब तक इमरजेंसी लगी रहेगी। कहने के लिए सेना को नागरिकों की सुरक्षा, सरकारी संपत्तियों की रक्षा और सरकारी प्रतिष्ठानों को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी दी जाएगी लेकिन सच तो ये है कि पीटीआई के प्रदर्शनों पर नकेल कसने की प्लानिंग है।