कथावाचक धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (Preacher Dhirendra Krishna Shastri) के हाल में दिए विवादित बयान को लेकर पूर्णिया से लोकसभा सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव (Rajesh Ranjan, alias Pappu Yadav, Lok Sabha MP from Purnia) मंगलवार को थाने पहुंच गए हैं। पप्पू यादव (Pappu Yadav) धीरेंद्र शास्त्री (Dhirendra Shastri) के खिलाफ दिल्ली के पार्लियामेंट थाने (Parliament Police Station) एफआईआर (FIR) दर्ज कराने पहुंचे हैं।
नई दिल्ली। कथावाचक धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (Preacher Dhirendra Krishna Shastri) के हाल में दिए विवादित बयान को लेकर पूर्णिया से लोकसभा सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव (Rajesh Ranjan, alias Pappu Yadav, Lok Sabha MP from Purnia) मंगलवार को थाने पहुंच गए हैं। पप्पू यादव (Pappu Yadav) धीरेंद्र शास्त्री (Dhirendra Shastri) के खिलाफ दिल्ली के पार्लियामेंट थाने (Parliament Police Station) एफआईआर (FIR) दर्ज कराने पहुंचे हैं।
उन्होंने अपने एक्स पर पोस्ट कर इसकी जानकारी भी दी थी कि वह शास्त्री के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराएंगे। पप्पू यादव (Pappu Yadav) भगवान कृष्ण (Lord Krishna) पर की गई टिप्पणी को लेकर आहत हैं।
भगवान श्रीकृष्ण जी का अपमान किसी भी
सूरत में बर्दाश्त नहीं करेंगे! सत्ता संरक्षित
टुटपुंजिये फरेबी कथावाचक के ख़िलाफ़
आज मैं मुक़दमा दर्ज कराने जा रहा हूं!कृष्ण कन्हैया जी को अपमानित कर यह
मूर्ख बेईमान अब माफ़ी मांगने की नौटंकी
कर रहा है।इसे छोड़ेंगे नहीं,सजा दिलाकर ही
मानेंगे!— Rajesh Ranjan Pappu Yadav (@pappuyadavjapl) November 3, 2026
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पप्पू यादव (Pappu Yadav) ने एक्स पर लिखा था कि ‘भगवान श्रीकृष्ण जी का अपमान किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेंगे। सत्ता संरक्षित टुटपुंजिये फरेबी कथावाचक के खिलाफ आज मैं मुकदमा दर्ज कराने जा रहा हूं। कृष्ण कन्हैया जी को अपमानित कर यह मूर्ख बेईमान अब माफी मांगने की नौटंकी कर रहा है। इसे छोड़ेंगे नहीं,सजा दिलाकर ही मानेंगे।
क्या बोले थे धीरेंद्र शास्त्री?
दरअसल, 29 अक्टूबर को करैरा में कथा के दौरान शास्त्री ने कहा था कि तुम अपने वाले ठाकुर जी की एक भी फोटो देख लो। खड़े भी होते हैं तो तीन जगह से टेढ़े। पांव के ऊपर पांव, कहीं कमर लचकाए, टेढ़ी गर्दन करके बंसी बजाते हैं। हमारे वाले तो खड़े भी होते हैं तो एकदम सीधे। हमारे वाले का नाम भी सीधा, चलना भी सीधा, दिखते भी सीधे हैं। तुम्हारे वालों का नाम भी टेढ़ा, चलते भी टेढ़े, खड़े भी टेढ़े।
उन्होंने आगे कहा था, बंसी बजाना तो खेल है, पर धनुष उठाना खेल नहीं। गाय चराना खेल है, बंदरों को नचाना खेल नहीं। तुम्हारे वाले ने पर्वत उठाया तो क्या बड़ी बात, हमारे भगवान के चेले हनुमान ने तो पूरा पर्वत ही उड़ा दिया। हमारा धाम अयोध्या सीधा, तुम्हारा वृंदावन टेढ़ा।