अमेरिका-ईरान की जंग खत्म होने पर आधिकारिक रूप से मुहर लग गई है। आखिकार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (US President Donald Trump) और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान (Iranian President Masoud Pezeshkian) ने शांति समझौते पर दस्तखत कर दिए।
US-Iran peace agreement : अमेरिका-ईरान की जंग खत्म होने पर आधिकारिक रूप से मुहर लग गई है। आखिकार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (US President Donald Trump) और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान (Iranian President Masoud Pezeshkian) ने शांति समझौते पर दस्तखत कर दिए। इसे तत्काल प्रभाव से लागू किया जा चुका है। फ्रांस में आयोजित एक कार्यक्रम अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने समझौते पर साइन कर दिए। वहीं ईरान राष्ट्रपति पेजेश्कियान ने इलेक्ट्रानिक रूप से समझौते पर साइन किए। समझौते में 14 शर्तें शामिल हैं। जिन पर दोनों देश सहमत हुए हैं। ट्रंप ने वर्साय के महल में ईरान समझौते पर हस्ताक्षर किए।
1. युद्धविराम और सैन्य कार्रवाई की समाप्ति
संयुक्त राज्य अमेरिका, इस्लामी गणराज्य ईरान (Islamic Republic of Iran) तथा उनके सहयोगी पक्ष इस समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर के साथ लेबनान सहित सभी मोर्चों पर तत्काल और स्थायी युद्धविराम (Permanent ceasefire) लागू करने पर सहमत हैं। दोनों पक्ष भविष्य में एक-दूसरे के विरुद्ध किसी भी सैन्य कार्रवाई, बल प्रयोग या धमकी से परहेज करेंगे तथा लेबनान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अ
अमेरिका-ईरान समझौते की शर्तें
अधिकारियों के मुताबिक, समझौते के अमेरिकी ड्राफ्ट में कुछ अहम बातें शामिल हैं, जैसे ईरान के हाईली एनरिच्ड यूरेनियम (Highly Enriched Uranium) को कम करने के लिए एक नया ‘न्यूनतम’ मानक।
. 60 दिनों तक होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से बिना किसी शुल्क के गुजरने की व्यवस्था।
हालांकि इस डील में भविष्य में शुल्क वसूलने की संभावना से इनकार नहीं किया गया है।
डील में लेबनान में हिज्बुल्लाह के खिलाफ हालिया हमलों के बाद उसकी क्षेत्रीय अखंडता (territorial integrity) सुनिश्चित करने के प्रावधान।
इसके बदले में अमेरिका ईरान पर लगे कुछ बड़े प्रतिबंधों (Restrictions) को हटाने की दिशा में कदम उठाएगा, लेकिन उन्हें पूरी तरह खत्म नहीं करेगा।
अंतिम समझौते के लिए वार्ता
दोनों पक्ष इस समझौता ज्ञापन के हस्ताक्षर के बाद अधिकतम 60 दिनों के भीतर, आवश्यकता पड़ने पर आपसी सहमति से अवधि बढ़ाते हुए, एक व्यापक और स्थायी शांति समझौते पर बातचीत पूरी करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।