प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की नई बिल्डिंग 'सेवा तीर्थ' का शुक्रवार को उद्घाटन किया। अब तक प्रधानमंत्री कार्यालय रायसीना हिल स्थित साउथ ब्लॉक से संचालित होता था, लेकिन अब इसे कर्तव्य पथ पर बने नए 'सेवा तीर्थ' परिसर में स्थानांतरित कर दिया गया है। औपनिवेशिक दौर की पहचान रहे साउथ ब्लॉक से अपने नए कार्यालय ‘सेवा तीर्थ’ परिसर में कार्यभार संभाल लिया।
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की नई बिल्डिंग ‘सेवा तीर्थ’ का शुक्रवार को उद्घाटन किया। अब तक प्रधानमंत्री कार्यालय रायसीना हिल स्थित साउथ ब्लॉक से संचालित होता था, लेकिन अब इसे कर्तव्य पथ पर बने नए ‘सेवा तीर्थ’ परिसर में स्थानांतरित कर दिया गया है। औपनिवेशिक दौर की पहचान रहे साउथ ब्लॉक से अपने नए कार्यालय ‘सेवा तीर्थ’ परिसर में कार्यभार संभाल लिया। यह दिन खास भी रहा, क्योंकि 13 फरवरी को ही वर्ष 1931 में नई दिल्ली को औपचारिक रूप से आधुनिक भारत की राजधानी के रूप में उद्घाटित किया गया था।
At Seva Teerth earlier today, signed files that are connected with the empowerment of the poor, downtrodden, our hardworking farmers, Yuva Shakti and Nari Shakti. The key decisions include:
Approval for the launch of PM RAHAT scheme, as per which victims of accidents will get… pic.twitter.com/dVn5LyrVNX
— Narendra Modi (@narendramodi) February 13, 2026
यह परिसर साउथ ब्लॉक से करीब एक किलोमीटर की दूरी पर है। कैबिनेट सचिवालय और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय के वे कार्यालय एक साथ आ जाएंगे, जो अलग-अलग स्थानों पर स्थित थे। नई बिल्डिंग को सेंट्रल विस्ट्रा प्रोजेक्ट के तहत बनाया गया है। तस्वीरों में बिल्डिंग भव्य और स्मार्ट नजर आ रही है। वहीं पीएम मोदी जिस कुर्सी पर बैठे हैं, उस कुर्सी के पीछे भारत का राष्ट्रीय प्रतीक लगा हुआ है। लकड़ी की कुर्सी और कमरे का रंग-रोगन देखकर साफ तौर पर अंदाजा लगाया जा सकता है कि नए पीएमओ को हवादार, रौशनी से भरपूर, सुरक्षा के हिसाब से अचूक और स्मार्ट वर्कफोर्स के हिसाब से बनाया गया है।
‘नागरिक देवो भव’ के संदेश के साथ नई शुरुआत
प्रधानमंत्री ने परिसर में स्थापित भगवान गणेश की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। सेवा तीर्थ की दीवार पर देवनागरी में इसका नाम अंकित है और नीचे ‘नागरिक देवो भव’ का मंत्र लिखा गया है, जो नागरिक-केंद्रित शासन की भावना को दर्शाता है। इस अवसर पर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
पीएम राहत योजना को मंजूरी
नए कार्यालय से काम शुरू करते ही प्रधानमंत्री ने कई अहम फैसलों पर हस्ताक्षर किए। इनमें ‘पीएम राहत योजना’ (PM RAHAT Scheme) की शुरुआत शामिल है। इस योजना के तहत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को 1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि समय पर उपचार के अभाव में किसी की जान न जाए।
‘लखपति दीदी’ का लक्ष्य दोगुना
सरकार पहले ही तीन करोड़ ‘लखपति दीदी’ का लक्ष्य हासिल कर चुकी है, जो निर्धारित समयसीमा से एक वर्ष पहले पूरा हुआ। अब प्रधानमंत्री ने मार्च 2029 तक इस संख्या को बढ़ाकर छह करोड़ करने का नया लक्ष्य तय किया है। यह कदम महिलाओं की आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
किसानों के लिए बड़ा ऐलान
कृषि क्षेत्र को मजबूती देने के लिए ‘कृषि अवसंरचना कोष’ को बढ़ाकर दो लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है। इससे कृषि मूल्य श्रृंखला को सुदृढ़ करने और किसानों को बेहतर भंडारण व प्रसंस्करण सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
स्टार्टअप इंडिया फंड 2.0 को मंजूरी
नवाचार और उभरती तकनीकों को बढ़ावा देने के लिए ‘स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0’ को 10,000 करोड़ रुपये के कोष के साथ मंजूरी दी गई है। इसका उद्देश्य डीप टेक, एडवांस मैन्युफैक्चरिंग और शुरुआती चरण के नवाचारों को वित्तीय सहयोग देना है।