कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने गुरुवार को एआईसीसी कार्यालय में प्रेस कांफ्रेंस किया। इस दौरान उन्होंने कहा, नरेंद्र मोदी AI पर बहुत बड़ी-बड़ी बातें करते हैं, लेकिन असल में Artificial Intelligence से थरथर कांपते हैं। आपके सामने कुछ तथ्य रख देती हूं, जिससे दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।
नई दिल्ली। कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने गुरुवार को एआईसीसी कार्यालय में प्रेस कांफ्रेंस किया। इस दौरान उन्होंने कहा, नरेंद्र मोदी AI पर बहुत बड़ी-बड़ी बातें करते हैं, लेकिन असल में Artificial Intelligence से थरथर कांपते हैं। आपके सामने कुछ तथ्य रख देती हूं, जिससे दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। पिछले 6 हफ़्तों में Congress के AI से बने 9 वीडियो इस देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उनकी केंद्र और BJP शासित राज्य सरकारों ने डिलीट करवाए हैं मैं साफ कर दूं- ये सभी वीडियो क़ानून के तहत बने थे, जिनमें AI डिस्क्लेमर थे। सभी वीडियो के पूरे Duration में AI GENERATED लिखा था-जो दिखाता है कि हमने किसी को गुमराह करने की कोशिश नहीं की। लेकिन BJP और ख़ुद प्रधानमंत्री मोदी सच से इतना डरते हैं कि वो सच के ‘नाट्य रूपांतरण’ से भी खौफ खाते हैं।
सुप्रिया श्रीनेत ने आगे कहा, कांग्रेस ने अपने AI वीडियो में दिखाया है-कैसे डरपोक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनरल नरवणे और सेना को यह कहकर जिम्मेदारी से मुंह मोड़ लिया-‘जो उचित समझो, वही करो’..कैसे नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र हित की अनदेखी करते हुए, अमेरिका के साथ ट्रेड डील की? कैसे नरेंद्र मोदी, Epstein की सलाह पर अमेरिका के प्रेसिडेंट ट्रंप को खुश करने में जुट गए? कैसे नरेंद्र मोदी ने अमेरिका के इशारे पर रूस से तेल खरीदना बंद किया? कैसे नरेंद्र मोदी ने अमेरिका के किसानों को फायदा पहुंचाया और भारत के किसानों के हक की बलि चढ़ा दी? कैसे नरेंद्र मोदी ने अडानी के ऊपर अमेरिका में कसते कानूनी शिकंजे से बौखलाकर ट्रंप के आगे सरेंडर किया? कैसे नरेंद्र मोदी 3 महिला सांसदों से डरकर, सदन छोड़कर भाग गए? इनमें से कोई भी बात काल्पनिक या गलत नहीं है। ये सारे वही मुद्दे हैं, जिस पर विपक्ष और पूरा देश सवाल पूछ रहा है, जो भारत के संसद में गूंज रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा, जानिए, कैसे AI वीडियो डिलीट करवाए जा रहे हैं- AI वीडियो को डिलीट करने का आदेश BJP शासित राज्य सरकारों-बिहार, राजस्थान, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र- की पुलिस द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को भेजा गया। कुछ AI वीडियो को डिलीट करवाने का आदेश सीधे रील मंत्री अश्विनी वैष्णव के मंत्रालय से आया है। ये वही अश्विनी वैष्णव हैं जो AI समिट के कर्ता-धर्ता हैं, लेकिन बड़े पैमाने पर AI वीडियो डिलीट करवाने में व्यस्त हैं। इनमें से अधिकांश वीडियो डिलीट और ब्लॉक करने के आदेश IT Act, 2000 की धारा 69(A) और धारा 79(3)(B) का हवाला देते हैं। धारा 69(A) सरकार को कहीं से भी किसी भी content को बिना सुनवाई किए ब्लॉक और डिलीट करने का अधिकार देती है। धारा 79(3)(B) सोशल मीडिया कंपनियों और प्लेटफॉर्म्स को पोस्ट की गई सामग्री के लिए कानूनी दायित्व से मुक्त करती है, यदि वे सरकार के आदेश पर उसे हटा दें। ये आदेश भारतीय न्याय संहिता की धारा 353 (2023) और धारा 356(2023) के उल्लंघन का हवाला देते हैं, जो आपराधिक मानहानि, जनता में भय पैदा करना या समूहों के बीच नफरत भड़काने से जुड़े हुए हैं। सवाल है- जिन वीडियो को हटाया गया, उनमें कौन सी बात गलत है और किनके बीच वैमनस्य पैदा हो रहा है?
सुप्रिया श्रीनेत ने आगे कहा, मोदी सरकार ‘सहयोग’ नाम का एक सेंसरशिप पोर्टल ला रही है, जिससे स्थिति और ख़राब होगी। इस पोर्टल में कुछ सरकारी अधिकारी शामिल होंगे। यह पोर्टल इन अधिकारियों को किसी भी कंटेट/डेटा को हटवाने का आदेश जारी करने का अधिकार देगा और सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म को वो कंटेट हटाना ही होगा। यानी अब सरकारी बाबू तय करेंगे कि देश ऑनलाइन क्या देख सकेगा और क्या नहीं!