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काल्विन ताल्लुकदार्स कालेज में नवाचार के शिल्पी थे राजा आनन्द सिंह : मनीषवर्धन  

काल्विन ताल्लुकदार्स कॉलेज की प्रबन्ध समिति ने आज कालेज परिसर स्थित हिन्द हाउस में अपने संरक्षक एवं ब्रिटिश इंडियन एसोसिएशन (बीआईए) के अध्यक्ष राजा आनन्द सिंह को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

By santosh singh 
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लखनऊ। काल्विन ताल्लुकदार्स कॉलेज की प्रबन्ध समिति ने आज कालेज परिसर स्थित हिन्द हाउस में अपने संरक्षक एवं ब्रिटिश इंडियन एसोसिएशन (बीआईए) के अध्यक्ष राजा आनन्द सिंह को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।राजा आनन्द सिंह का गत 7 जुलाई को लखनऊ कैसरबाग स्थित अपने आवास मनकापुर हाउस में निधन हो गया था।

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शोक सभा में कालेज प्रबन्ध समिति के सचिव मनीषवर्धन सिंह ने कहा कि राजा आनन्द सिंह का प्रकृति,कृषि और शिक्षा से बहुत लगाव था राजनीतिक सक्रियता के बावजूद वह काल्विन ताल्लुकदार्स कालेज की बेहतरी के लिए हमेशा विचार-विमर्श करते थे।शिक्षा के क्षेत्र में देश-दुनिया में क्या नवाचार चल रहा है।काल्विन कालेज में भी ऐसे नवाचार शुरु किए जाएं।इसके लिए वह हमेशा प्रेरित करते थे।उन्होने कहा कि कालेज परिसर में शैक्षिक गतिविधयों के साथ-साथ खेलकूद का भी बेहतर माहौल हो।इसके लिए भी वह हमेशा प्रेरित करते थे आर्थिक संसाधन भी बीआईए से मुहैया कराते थे।कालेज में शूटिंग रेंज,क्रिकेट एकेडमी,टेनिस कोर्ट,घुड़सवारी ग्राउण्ड आदि को शुरु कराने में उन्होने व्यक्तिगत रुचि ली।यह उन्ही का मार्गदर्शन था कि कालेज राजधानी ही नहीं प्रदेश और देश के चुनिंदा शिक्षण संस्थानों में गिना जाता रहा।

प्रबन्ध समिति के सदस्य सरेश्वर बली ने कहा कि राजा आनन्द सिंह का दूरदर्शी व्यक्तित्व था।वह जितना राजनीति में पारंगत थे उससे कहीं ज्यादा शिक्षक की भूमिका भी निभाते थे।यही कारण है कि उन्होने गोण्डा और लखनऊ मे स्थित शिक्षण संस्थानों को एक नयी ऊंचाई तक पहुंचाया।राजा ध्यानपाल सिंह ने कहा कि आनन्द सिंह कर्मयोगी थे।उनका जन्म राजघराने में जरुर हुआ।लेकिन अपनी सादगी,सरलता और विनम्रता के चलते उनका जनता से गहरा लगाव था।यही कारण है कि म वह विधानसभा और लोकसभा के कई चुनाव जीते।उत्तर प्रदेश सरकार में कृषि मंत्री भी बने।

शोक सभा में पूर्व न्यायाधीश एस एन टंडन,कौशलेन्द्र प्रताप सिंह,विशुधेन्द्र प्रताप सिंह,विवेक सेठ ,विनय सिंह,विशेष प्रताप सिंह (झारखण्ड),आइएससी विंग के प्रधानाचार्य एसएन सिंह,जूनियर विंग की संगीता चौहान,यूपी बोर्ड विंग की प्रधानाचार्य अनुपमा सिंह,केजीएमयू के प्रोफेसर कृपाशंकर ,पूर्व प्रधानाचार्य राकेश्वर सिंह,डी के सिंह चौहान समेत बड़ी संख्या में मौजूद कालेज स्टाफ ने भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

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