Operation Sindoor Shaheed : नेशनल वॉर मेमोरियल की वेबसाइट पर ऑपरेशन सिंदूर में सेना के 6 वीर जवानों ने अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीदों के नाम सार्वजनिक किए गए हैं। इन शहीदों के नाम नई दिल्ली के नेशनल वॉर मेमोरियल पर दर्ज किए जाएंगे। लेकिन, अब शहीदों के नाम सार्वजनिक किए जाने के बाद एक नया सियासी विवाद खड़ा हो गया है। विपक्षी दलों ने केंद्रीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के संसद में दिये उस बयान पर सवाल खड़ा किया है। जिसमें उन्होंने कहा था कि हमारे सैनिकों की कोई क्षति नहीं हुई है।
Operation Sindoor Shaheed : नेशनल वॉर मेमोरियल की वेबसाइट पर ऑपरेशन सिंदूर में सेना के 6 वीर जवानों ने अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीदों के नाम सार्वजनिक किए गए हैं। इन शहीदों के नाम नई दिल्ली के नेशनल वॉर मेमोरियल पर दर्ज किए जाएंगे। लेकिन, अब शहीदों के नाम सार्वजनिक किए जाने के बाद एक नया सियासी विवाद खड़ा हो गया है। विपक्षी दलों ने केंद्रीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के संसद में दिये उस बयान पर सवाल खड़ा किया है। जिसमें उन्होंने कहा था कि हमारे सैनिकों की कोई क्षति नहीं हुई है।
कांग्रेस के राज्यसभा सांसद पवन खेड़ा ने पिछले साल संसद में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के ऑपरेशन सिंदूर पर दिये गए बयान की क्लिप शेयर की है। जिसमें राजनाथ सिंह कह रहे हैं- “आपको प्रश्न पूछना है तो यह पूछिए कि इस ऑपरेशन में क्या हमारे जांबाज सैनिकों की कोई क्षति हुई है? तो उसका उत्तर है- नहीं।” इस क्लिप को शेयर करते हुए खेड़ा ने लिखा, “सिर्फ़ दो ही संभावनाएँ हैं। या तो रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जब संसद को संबोधित किया तो उनकों यह जानकारी ही नहीं थी कि छह सैनिक शहीद हो चुके थे। यदि ऐसा है, तो यह उस मंत्री पर गंभीर प्रश्नचिह्न है, जिसे उसी मंत्रालय के मामलों की जानकारी नहीं है जिसका वह नेतृत्व कर रहे हैं।”
सिर्फ़ दो ही संभावनाएँ हैं।
या तो रक्षा मंत्री @rajnathsingh ने जब संसद को संबोधित किया तो उनकों यह जानकारी ही नहीं थी कि छह सैनिक शहीद हो चुके थे। यदि ऐसा है, तो यह उस मंत्री पर गंभीर प्रश्नचिह्न है, जिसे उसी मंत्रालय के मामलों की जानकारी नहीं है जिसका वह नेतृत्व कर रहे हैं।… pic.twitter.com/5JdSjaqf0B
— Pawan Khera 🇮🇳 ಪವನ್ ಖೇರಾ (@Pawankhera) June 27, 2026
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कांग्रेस नेता ने आगे लिखा, “या फिर उन्हें सच्चाई मालूम थी और इसके बावजूद उन्होंने संसद को गुमराह करना चुना। यह उससे भी अधिक गंभीर है, क्योंकि इससे यह सिद्ध होता है कि यह सरकार लोकतंत्र के मंदिर में, शपथ के साथ, देश से झूठ बोलती है। जो भी सच हो, कुछ तथ्य नहीं बदलते – हमारे छह वीर जवानों ने कर्तव्य निभाते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया। लेकिन उनके बलिदान को छिपाया गया। उन्हें वह सम्मान और मान्यता नहीं दी गई जिसके वे हकदार थे। और उनके परिवारों से वह पारदर्शिता भी छीन ली गई जिसकी वे अपेक्षा रखते थे। यह हमारे सैनिकों का अपमान है, और कोई भी सच्चा देशभक्त इस पर मौन या संतुष्ट नहीं रह सकता।”