UP Political debate on Color blue : सपा प्रमुख अखिलेश यादव के नीले गमछे और समाजवादी छात्रसभा की नई ड्रेस कोड को लेकर यूपी की सियासत गरमाने लगी है। अंबेडकरवादी लोगों की पहचान बन चुके नीले रंग को अपनाने पर सपा प्रमुख अब विरोधियों के निशाने पर हैं। बसपा सुप्रीमो मायावती के बाद राज्य के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने इसको लेकर अखिलेश पर निशाना साधा है।
UP Political debate on Color blue : सपा प्रमुख अखिलेश यादव के नीले गमछे और समाजवादी छात्रसभा की नई ड्रेस कोड को लेकर यूपी की सियासत गरमाने लगी है। अंबेडकरवादी लोगों की पहचान बन चुके नीले रंग को अपनाने पर सपा प्रमुख अब विरोधियों के निशाने पर हैं। बसपा सुप्रीमो मायावती के बाद राज्य के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने इसको लेकर अखिलेश पर निशाना साधा है।
दरअसल, भाजपा नेता केशव प्रसाद मौर्य ने बिना किसी का नाम लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ‘लाल टोपी, नीला लिबास- काली करतूतें ढकने का नया प्रयास!’ इस पोस्ट को अखिलेश यादव और उनकी पार्टी सपा से जोड़कर देखा जा रहा है, क्योंकि सपा के लोग लाल टोपी पहनते हैं और अब वह नीले गमछे और लिबास में नजर आ रहे हैं। इससे साफ है कि आगामी 2027 चुनाव में नीले रंग की राजनीति तेज होने लगी है और बसपा के कोर वोटर यानी दलितों को लुभाने की कोशिशें शुरू हो गयी हैं।
लाल टोपी, नीला लिबास- काली करतूतें ढकने का नया प्रयास!
— Keshav Prasad Maurya (@kpmaurya1) September 12, 2026
मायावती को भी चुभा अखिलेश का नीला लिबास
सपा की ओर से नीले रंग के जरिये दलित वोटर्स को लुभाने की कोशिश पर बसपा सुप्रीमो मायावती की तीखी प्रतिक्रिया सामने आयी थी। उन्होंने शुक्रवार को एक्स पर कहा, ‘सपा, कांग्रेस व अन्य विरोधी पार्टियों के नेताओं व कार्यकर्ताओं द्वारा बी.एस.पी. का शुरु से ही चला आ रहा नीला रंग अब यह इनके गले का गमछा व कपड़े पहनने से तथा स्टेज आदि में भी नीला कपड़ा इस्तेमाल करने से इनकी सर्वसमाज में से ख़ासकर ग़रीबों, दलितों, आदिवासियों, पिछड़े व अन्य उपेक्षित वर्गों के प्रति वर्षों से चली आ रही इनकी जातिवादी, संकीर्ण, सामन्तवादी एवं पूँजीवादी सोच नहीं बदल सकती है तथा ना ही ये लोग दिल से अम्बेडकरवादी होने एवं कहलाने वाले हैं। इसीलिये ’बहुजन समाज’ के वास्तविक हित व कल्याण के प्रति पहले वे अपना दिल व दिमाग़ तो पाक-साफ करें।’
1. सपा, कांग्रेस व अन्य विरोधी पार्टियों के नेताओं व कार्यकर्ताओं द्वारा बी.एस.पी. का शुरु से ही चला आ रहा नीला रंग अब यह इनके गले का गमछा व कपड़े पहनने से तथा स्टेज आदि में भी नीला कपड़ा इस्तेमाल करने से इनकी सर्वसमाज में से ख़ासकर ग़रीबों, दलितों, आदिवासियों, पिछड़े व अन्य…
— Mayawati (@Mayawati) September 11, 2026
यूपी की पूर्व सीएम मायावती ने लिखा, ‘ वैसे भी ये लोग इन वर्गों के मामले में आए दिन गिरगिट की तरह ही रंग बदलते रहते हैं अर्थात् ये कहते कुछ हैं और करते उसके ठीक विपरीत हैं। ख़ासकर इनके सपा के PDA के मामले में तो इनकी सोच, चाल, चरित्र व चेहरा आदि हमेशा दोग़ला व बईमान ही रहा है, जिसके अनेकों उदाहरण हैं, ये सभी जानते हैं। इसलिए इन वर्गों की एकमात्र हितैषी व अम्बेडकरवादी पार्टी केवल बी.एस.पी. ही है, जो सर्वविदित है। यहाँ यह भी उल्लेखनीय है कि अन्य पार्टियों की तरह बी.एस.पी. के जो भी लोग पार्टी में अनुशासनहीनता आदि के कारण समय-समय पर निष्कासित कर दिये जाते हैं तो वे अधिकतर इन्हीं सब कारणों से अब तक कई पार्टी बदल चुके हैं, जो किसी से छिपा नहीं है। इसी से ही अन्दाज़ा लगा लेना चाहिये कि ये लोग पूरे स्वार्थी व अवसरवादी हैं और वे किसी भी पार्टी के हित में नहीं हो सकते हैं।’