कई नदियों की सफाई कर चर्चा में आये बिट्टू तबाही आज मुश्किलों में हैं। नदी में फैले कचरे और गंदे पानी के बीच सफाई अभियान चलाने के बाद उन्हें त्वचा संबंधी परेशानी होने की बात सामने आई है। सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो में उन्होंने अपने हाथ-पैरों की हालत दिखाई, जिसके बाद दूषित जलस्रोतों की सफाई में जुटे लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
Water Pollution: मध्य प्रदेश की अजनार नदी को साफ करने में जुटे पर्यावरण कार्यकर्ता बिट्टू तबाही की सेहत पर गंभीर असर पड़ा है। बिट्टू तबाही का असली नाम सुरेंद्र सिंह चौधरी है। वह लंबे समय से नदियों और सार्वजनिक स्थानों पर फैली गंदगी को साफ करने के लिए अभियान चला रहे हैं। अजनार नदी में सफाई के दौरान वह गंदे पानी और सड़ते कचरे के संपर्क में आए थे। रिपोर्ट के मुताबिक, इसके बाद उन्हें त्वचा में खुजली, जलन, छिलने और हाथ-पैरों में दर्द जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
इंस्टाग्राम पर साझा किए गए वीडियो में बिट्टू ने अपनी त्वचा पर हुए असर को दिखाया। उनके हाथ और पैर प्रभावित नजर आए। उन्होंने बताया कि नदी की सफाई में लंबे समय तक जुटे रहने के बाद उन्हें परेशानी महसूस हुई।
बिट्टू पहले भी नदी की सफाई के दौरान रबर के दस्ताने, जूते और कचरा हटाने के लिए रेक जैसे उपकरण इस्तेमाल करते नजर आए हैं। लेकिन हालिया वीडियो ने सवाल खड़ा किया है कि क्या ऐसे सामान्य सुरक्षा उपकरण दूषित पानी और संभावित खतरनाक कचरे के बीच काम करने के लिए पर्याप्त हैं। गंदे पानी में सड़ता कचरा, रसायन और सूक्ष्मजीव मौजूद हो सकते हैं। इनके संपर्क से त्वचा में जलन या संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है, खासकर जब शरीर पूरी तरह सुरक्षित न हो।
एक ओर बिट्टू ने लोगों से सार्वजनिक स्थानों और नदियों में कचरा न फेंकने की अपील की है तो वहीं सोशल मीडिया यूजर्स ने उनके सफाई अभियान की सराहना करते हुए स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने और उचित सुरक्षा उपकरणों के इस्तेमाल की सलाह दी है।