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शिमला में बढ़ा बवाल: मस्जिद को लेकर विरोध प्रर्दशन जारी, प्रदर्शनकारियों ने तोड़ी बैरिकेडिंग

हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के संजौली में मस्जिद को लेकर हिंदू संगठनों का विरोध प्रदर्शन जारी है। बड़ी संख्या में जुटे हिंदू संगठनों के समर्थक लगातार इसका विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इस दौरान पुलिस ने उन्हें रोकने की भी कोशिश कर रही है लेकिन प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग को तोड़ दिया है। साथ ही वो मस्जिद की तरफ आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, पुलिस उन्हें रोकने के लिए हल्का बल प्रयोग भी किया लेकिन प्रदर्शन अभी भी जारी है।

By शिव मौर्या 
Updated Date

शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के संजौली में मस्जिद को लेकर हिंदू संगठनों का विरोध प्रदर्शन जारी है। बड़ी संख्या में जुटे हिंदू संगठनों के समर्थक लगातार इसका विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इस दौरान पुलिस ने उन्हें रोकने की भी कोशिश कर रही है लेकिन प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग को तोड़ दिया है। साथ ही वो मस्जिद की तरफ आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, पुलिस उन्हें रोकने के लिए हल्का बल प्रयोग भी किया लेकिन प्रदर्शन अभी भी जारी है।

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वहीं, प्रदर्शनकारियों के जुटने से संजौली क्षेत्र में माहौल तनावपूर्ण हो गया है। जिला प्रशासन की ओर से संजौली क्षेत्र में आज सुबह से मध्यरात्रि तक धारा 163 लगाई की गई है मगर इसका प्रभाव नजर नहीं आ रहा है। उधर, संजौली के मुख्य प्रवेश द्वारों को पैदल व वाहनों की आवाजाही के लिए बंद कर दिया गया है।

ढली सब्जी मंडी के पास भारी संख्या में जुटे प्रदर्शनकारी नारेबाजी कर रहे हैं। इन्हें संजौली मस्जिद की ओर बढ़ने से रोकने के लिए ढली टनल के दोनों छोरों पर आवाजाही बंद कर दी गई है। इसके साथ ही अपने समर्थकों संग संजौली पहुंचे हिंदू जागरण मंच के पूर्व महामंत्री कमल गौतम को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।

मस्जिद अवैध पाई जाने पर किया जाएगा ध्वस्त
संजौली मस्जिद मामले पर हिमाचल प्रदेश सरकार के मंत्री विक्रमादित्य सिंह का बयान आया है। उनहोंने कहा कि, इसमें स्थिति बिल्कुल साफ है कि सही तरीके से सभी को प्रदर्शन करने का अधिकार है। राज्य सरकार ने भी कहा है कि आप प्रदर्शन करें लेकिन ऐसी स्थिति नहीं बननी चाहिए कि शांतिपूर्ण माहौल में बाधा आए। इसे लेकर पुलिस द्वारा कदम उठाए गए हैं, जहां तक उस अवैध निर्माण की बात है तो अगर वह अवैध पाई जाती है तो उसे निश्चित रूप से ध्वस्त किया जाएगा लेकिन उससे पहले कोई कार्रवाई करना उचित नहीं है।

 

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