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Sakat Chauth 2025 : इस दिन रखा जाएगा सकट चौथ व्रत, जानिए तिथि और इस व्रत का महत्व

सनातन धर्म में विघ्नहर्ता और संकटों को दूर करने वाले भगवान गणेश जी की पूजा की जाती है। भगवान गणेश जी प्रसन्न को प्रसन्न करने के लिए व्रत और उपवास किए जाते है।

By अनूप कुमार 
Updated Date

Sakat Chauth 2025 : सनातन धर्म में विघ्नहर्ता और संकटों को दूर करने वाले भगवान गणेश जी की पूजा की जाती है। भगवान गणेश जी प्रसन्न को प्रसन्न करने के लिए व्रत और उपवास किए जाते है। सकट चौथ यानी कि संकटों को दूर करने वाली गणेश चतुर्थी के दिन व्रत करने से विघ्नहर्ता और संकटों को दूर करने वाले भगवान गणेश जी प्रसन्न होते हैं और आपके सभी कष्टों को दूर करते हैं। माघ माह में कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को सकट चौथ के नाम से जाना जाता है। इस दिन भगवान गणेश को तिल के लड्डू का भोग लगाए जाने की परंपरा है। इस दिन व्रत करने वाली महिलाओं के लिए पूजा में व्रत कथा करने का सर्वाधिक महत्व होता है।

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सकट चौथ का व्रत 17 जनवरी, शुक्रवार
माघ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि 17 जनवरी को सुबह 4 बजकर 6 मिनट से शुरू होकर 18 जनवरी को सुबह 5 बजकर 30 मिनट तक रहेगी। सकट चौथ का व्रत 17 जनवरी शुक्रवार को रखा जाएगा। इस दिन चंद्रोदय समय रात में 9 बजकर 9 मिनट है। अमृत सर्वोत्तम मुहूर्त सुबह 9 बजकर 52 मिनट से 11 बजकर 11 मिनट तक है।

सकट चौथ का व्रत नियम
चंद्रोदय के समय चंद्रमा को अर्घ्य अर्पित करें और चंदन, फूल, धूप, दीप और नैवेद्य चढ़ाकर सकट माता की पूजा करें। सकट चौथ व्रत की कथा जरूर पढ़ें और पूजा समाप्त करें।

भोग
सकट चौथ के दिन भगवान गणेश को बूंदी के लड्डू, गन्ना, शकरकंद, गुड़ और तिल से बनी चीजों का भोग लगाया जाता है.

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