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संवेदनशील रिपोर्ट मीडिया को विश्वसनीय व नकारात्मक रिपोर्टिंग हमेशा दुर्गति का शिकार बनाती है : सीएम योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Chief Minister Yogi Adityanath) ने एक मीडिया हाउस के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि गलत रिपोर्टिंग हमेशा सिस्टम को दुर्गति की ओर लेकर जाता है। नकारात्मक रिपोर्टिंग हमेशा दुर्गति का शिकार बनाती है। गति को दुर्गति की ओर लेकर जाता है। सकारात्मक रिपोर्टिंग उसी प्रकार से उस पूरे सिस्टम को प्रकृति और समृद्धि के नए सोपान की ओर लेकर जाता है।

By santosh singh 
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लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Chief Minister Yogi Adityanath) ने एक मीडिया हाउस के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि गलत रिपोर्टिंग हमेशा सिस्टम को दुर्गति की ओर लेकर जाता है। नकारात्मक रिपोर्टिंग (Negative Reporting) हमेशा दुर्गति का शिकार बनाती है। गति को दुर्गति की ओर लेकर जाता है। सकारात्मक रिपोर्टिंग (Positive Reporting) उसी प्रकार से उस पूरे सिस्टम को प्रकृति और समृद्धि के नए सोपान की ओर लेकर जाता है। जिस सकारात्मक भाव के साथ आज से नौ साल पहले हमने प्रदेश के अंदर कार्य करना शुरू किया। आज उत्तर प्रदेश की प्रगति आप सबके सामने, देश के सामने, दुनिया के सामने देखने को मिल रही है।

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सीएम योगी (CM Yogi) ने कहा कि एक भी सनसनी भरी खबर कहां आग लगा दे? क्या कुछ कर दे, उसका भरोसा नहीं। हम इस बात के लिए कतई तैयार नहीं हैं कि यूपी में फिर से कर्फ्यू लगे, दंगों की शुरुआत हो और किसी प्रकार की अराजकता की छूट किसी को मिले। ऐसे में संवेदनशील रिपोर्ट ही मीडिया को विश्वसनीय बनाती है।

सीएम योगी (CM Yogi) ने कहा कि यूपी में पहले इंफ्रास्ट्रचर नहीं था, देश के अंदर कहीं से भी आएंगे तो उत्तर प्रदेश की सीमा का अंदाजा लग जाता था जहां सड़कों पर गड्ढे दिखाई दें और चलना थोड़ा कठिन हो जाए, सांय काल है तो अंधेरा प्रारंभ हो जाए तो मानकर चलिए उत्तर प्रदेश के बोर्डर पर आप आ गए। प्रदेश का खजाना खाली, कोई बैंकर्स हमें पैसा देने के लिए तैयार नहीं। कर्ज लेने की भी एक सीमा होती है। रिजर्व बैंक ने एक सीमा तैयार कर रखी है।

ट्रेन यूनियन की प्रवृत्ति ने वहां के उद्योगों को नष्ट कर डाला

सीएम योगी (CM Yogi) ने कहा कि कानपुर आपके सामने उदाहरण है, कभी कानपुर देश के अंदर एक समृद्ध शहरों में से एक था। हजारों लोगों के रोजगार का माध्यम बना था। वहां सारे उद्योग बंद हो गए थे। वहां पर जो लोग पहले सिर तानकर जाते थे, अपने घर से अपना टिफिन लेकर जाते थे। उद्योग में काम करते थे और फिर उसी गौरव और गरिमा के साथ वापस आते थे। उद्योग बंद हो गए। जो व्यक्ति गौरव के साथ जाता था, आज वहां पर ठेला लगाने के लिए मजबूर है। क्योंकि ट्रेन यूनियन की प्रवृत्ति ने वहां के उद्योगों को नष्ट कर डाला। पूरी तरह बर्बाद कर डाला। उद्योपति तो दूसरी जगह चला गया। दूसरी जगह उद्योग लगा दिया, लेकिन वहां काम करने वाला श्रमिक ट्रेड यूनिन का शिकार बन गया। ट्रेड यूनिन का शिकार बना श्रमिक भूखमरी के कगार पर पहुंच गया है।

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ट्रेड यूनियन की प्रवृत्ति कभी सकारात्मक नहीं रही

उन्होंने कहा कि आप देखते होंगे, ये ट्रेड यूनियन के नेता कोई काम नहीं करते। एक झोला कंधे पर लटकाकर घूम-घूम हर एक व्यक्ति से चंदा वसूली करके अपने घर को तो भरते हैं, लेकिन उस श्रमिक, कामगार को, उस सिस्टम से जुड़े लाखों लोगों को एक समय पर भूखमरी की कगार पर लाकर खड़ा कर देते हैं। सीएम योगी ने कहा कि ट्रेड यूनियन की प्रवृत्ति कभी सकारात्मक नहीं रही। जहां पर भी ये प्रवृत्ति पनपी है, वहां पर उसने सत्यानाश ही किया है, किसी का कल्याण नहीं किया है।

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