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Shailendra Yadav ‘Lalai’ Jeevan Parichay: जनता का विश्वास ​जीतकर लगातार चार बार से विधानसभा पहुंच रहे हैं शैलेंद्र यादव ‘ललई’

Shailendra Yadav 'Lalai' Jeevan Parichay: समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता शैलेंद्र यादव 'ललई' (Shailendra Yadav 'Lalai') की राजनीति में अलग ही पहचान है। शुरू से ही वो बेहद ही जुझारू रहे और हर मौके पर खुद को साबित किया। जमीन से जुड़े नेताओं में भी इनकी गिनती की जाती है। सत्रहवीं विधानसभा में जौनपुर जिले की शाहगंज विधानसभा से निर्वाचित सदस्य (विधायक) हैं।

By शिव मौर्या 
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Shailendra Yadav ‘Lalai’ Jeevan Parichay: समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता शैलेंद्र यादव ‘ललई’ (Shailendra Yadav ‘Lalai’) की राजनीति में अलग ही पहचान है। शुरू से ही वो बेहद ही जुझारू रहे और हर मौके पर खुद को साबित किया। जमीन से जुड़े नेताओं में भी इनकी गिनती की जाती है। सत्रहवीं विधानसभा में जौनपुर जिले की शाहगंज विधानसभा से निर्वाचित सदस्य (विधायक) हैं। सपा सरकार में शैलेंद्र यादव ‘ (Shailendra Yadav ‘Lalai’) मंत्री भी रह चुके हैं। 2002 से शुरू हुआ जीत का सिलसिला अभी तक थमा नहीं है। वे लगातार जनता का विश्वास जीतकर विधानसभा पहुंच रहे हैं।

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जीवन शैली…
उत्तर प्रदेश की राजनीति में अपनी पहचान स्थापित करने वाले शैलेंद्र यादव ‘ललई’  (Shailendra Yadav ‘Lalai’) जनप्रिय नेता के रूप में गिने जाते हैं। इनका जन्म जौनपुर के पखनपुर गांव में एक जुलाई 1965 को हुआ था। इनके पिता तालकुदार यादव किसान थे। गोरखपुर विश्वविद्यालय से पढ़ाई के बाद इन्होंने रजनीति में प्रवेश किया। शैलेंद्र यादव ‘ (Shailendra Yadav ‘Lalai’) की पत्नी का नाम चमेली देवी है औ इनके दो पुत्र हैं।

राजनैतिक इतिहास
शैलेंद्र यादव ललई (Shailendra Yadav ‘Lalai’) शुरू से ही बेहद ही जुझारू प्रवृति के थे। समाजसेवा में शुरूआत के दिनों से ही लगे रहते थे। 1985 में उन्हें युवा लोकदल यूपी की प्रदेश कार्यकारिणी का सदस्य बनाया गया। 1988 में बाबू विश्वनाथ प्रताप सिंह के नेतृत्व में लोकदल, जनमोर्चा एवं अन्य विपक्षी दलों का जुटान एक मंच पर होने के बाद जनता दल का गठन हुआ और 1991 में ‘ललई’ को युवा जनता दल का प्रदेश महामंत्री बनाकर युवाओं को संगठन से जोड़ने की जिम्मेदारी सौंपी गई। उन्होंने 1993 में जनता दल के टिकट पर जौनपुर की खुटहन विधानसभा से चुनाव भी लड़ा लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने बसपा की सदस्यता ली, जिसके बाद 2002 के चुनाव में उन्होंने बाहुबली विधायक उमाकांत को चुनाव में हराकर खुद को राजनीति में स्थापित किया। बताया जाता है कि 2003 में बसपा से बगावत और सपा की सरकार बनवाने में अहम भूामिका निभाई थी। लिहाजा, मुलायम सिंह यादव ने उन्हें राज्यमंत्री बनाया था।

ये है पूरा सफरनामा
नाम — शैलेंद्र यादव ‘ललई’
पिता — तालुकदार यादव
जन्मतिथि — 01 जुलाई, 1965
बच्चे — दो पुत्र
शिक्षा — स्नातक
व्यवसाय — कृषि
रूचि — निर्धन, असहाय जनों की सेवा करना, कृषि एवं बागवानी

राजनीतिक योगदान
2002, फरवरी — चौदहवीं विधान सभा के सदस्य पहली बार निर्वाचित
2003, अक्टूबर- 2007 — फरवरी राज्य मंत्री, (श्री मुलायम सिंह यादव मंत्रिमण्डल)
2007, अप्रैल- मई पन्द्रहवीं विधान सभा के सदस्य दूसरी बार निर्वाचित
2008-2009,2009-2010 — सदस्य, विधान सभा की विशेषाधिकार समिति
2012, मार्च — सोलहवीं विधान सभा के सदस्य तीसरी बार निर्वाचित
अक्टूबर 2015- मार्च 2017 राज्य मंत्री (अखिलेश यादव मन्त्रिमण्डल में)
2017, मार्च — सत्रहवीं विधान सभा के सदस्य चौथी बार निर्वाचित

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अन्‍य जानकारी — पार्टी आन्दोलन में जिला कारगार जौनपुर में 3 दिन बंदी रहे।

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