1. हिन्दी समाचार
  2. देश
  3. बेटियों के खिलाफ शर्मनाक अपराध सोचने पर मजबूर करते हैं कि हम एक समाज के तौर पर कहां जा रहे हैं: राहुल गांधी

बेटियों के खिलाफ शर्मनाक अपराध सोचने पर मजबूर करते हैं कि हम एक समाज के तौर पर कहां जा रहे हैं: राहुल गांधी

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि, पश्चिम बंगाल, यूपी, बिहार के बाद महाराष्ट्र में भी बेटियों के खिलाफ शर्मनाक अपराध सोचने पर मजबूर करते हैं कि हम एक समाज के तौर पर कहां जा रहे हैं? बदलापुर में दो मासूमों के साथ हुए अपराध के बाद उनको इंसाफ दिलाने के लिए पहला कदम तब तक नहीं उठाया गया जब तक जनता ‘न्याय की गुहार’ करते हुए सड़क पर नहीं आ गई।

By शिव मौर्या 
Updated Date

नई दिल्ली। बेटियों पर हो रहे अत्याचार को लेकर देशभर में इन दिनों विरोध प्रदर्शन हो रहा है। पश्चिम बंगाल की घटना ने सबको झंकझोर दिया। आरोपियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग उठ रही है। इन सबके बीच कांग्रेस सांसद और नेता विपक्ष राहुल गांधी की प्रतिक्रिया आई है। उन्होंने कहा कि, सभी सरकारों, नागरिकों और राजनीतिक दलों को गंभीर मंथन करना होगा कि समाज में महिलाओं को सुरक्षित माहौल देने के लिए क्या कदम उठाए जाएं?

पढ़ें :- UP Board Results 2026 : योगी सरकार ने पारदर्शिता और समयबद्धता से रचा नया मानक, परीक्षार्थी सबसे पहले इस साइट पर देख सकेंगे रिजल्ट

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि, पश्चिम बंगाल, यूपी, बिहार के बाद महाराष्ट्र में भी बेटियों के खिलाफ शर्मनाक अपराध सोचने पर मजबूर करते हैं कि हम एक समाज के तौर पर कहां जा रहे हैं? बदलापुर में दो मासूमों के साथ हुए अपराध के बाद उनको इंसाफ दिलाने के लिए पहला कदम तब तक नहीं उठाया गया जब तक जनता ‘न्याय की गुहार’ करते हुए सड़क पर नहीं आ गई।

क्या अब FIR तक दर्ज कराने के लिए आंदोलन करने पड़ेंगे? आखिर पीड़ितों के लिए पुलिस थाने तक जाना भी इतना मुश्किल क्यों हो गया है? न्याय दिलाने से अधिक प्रयास अपराध छिपाने के लिए किया जाता है, जिसका सबसे बड़ा शिकार महिलाएं और कमज़ोर वर्ग के लोग होते हैं।

साथ ही लिखा कि, FIR दर्ज नहीं होना न सिर्फ पीड़ितों को हतोत्साहित करता है बल्कि अपराधियों का हौसला भी बढ़ाता है। सभी सरकारों, नागरिकों और राजनीतिक दलों को गंभीर मंथन करना होगा कि समाज में महिलाओं को सुरक्षित माहौल देने के लिए क्या कदम उठाए जाएं। न्याय हर नागरिक का अधिकार है, उसे पुलिस और प्रशासन की ‘मर्जी का मोहताज’ नहीं बनाया जा सकता।

 

पढ़ें :- UP Home Guard Exam : होमगार्ड परीक्षा 25 से 27 अप्रैल तक, एडमिट कार्ड डाउनलोड होने हुए शुरू

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...