अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, ‘हरदोई की बेटी’ के साथ हुए अन्याय के बारे में सोचकर जितना दुख होता था, उसके पीड़ित परिवार और परिजनों से मिलकर उससे भी अधिक हुआ। सवाल ये है कि ग़रीब कब तक नाइंसाफ़ी का शिकार होता रहेगा। वर्चस्ववादियों की सत्ता क्या सिर्फ़ और सिर्फ़ कमज़ोर पर प्रहार या अत्याचार करने के लिए बनी है।
लखनऊ। हरदोई के मल्लावां क्षेत्र में शिल्पी कुशवाहा की हत्या के आरोपियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग उठाई जा रही है। पीड़ित परिवार से मिलने के लिए सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पहुंचे। पीड़ित परिवार से मिलने के बाद अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, वर्चस्ववादियों की सत्ता क्या सिर्फ़ और सिर्फ़ कमज़ोर पर प्रहार या अत्याचार करने के लिए बनी है।
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, ‘हरदोई की बेटी’ के साथ हुए अन्याय के बारे में सोचकर जितना दुख होता था, उसके पीड़ित परिवार और परिजनों से मिलकर उससे भी अधिक हुआ। सवाल ये है कि ग़रीब कब तक नाइंसाफ़ी का शिकार होता रहेगा। वर्चस्ववादियों की सत्ता क्या सिर्फ़ और सिर्फ़ कमज़ोर पर प्रहार या अत्याचार करने के लिए बनी है।
उन्होंने आगे कहा, हमारा मानना है कि सकारात्मक शक्ति वही है जिसमें किसी के रक्षण-पोषण का भाव हो, किसी के उत्पीड़न-शोषण का नहीं। संविधान की शक्ति और पीडीए की सक्रिय एकता में हम सबकी रक्षा करने की अपार शक्ति है। पीडीए अब और भी जुड़ेगा, अपनी लड़ाई ख़ुद लड़ेगा और जीतेगा भी। ‘सामाजिक न्याय का राज’ जब आएगा तब ही ये अत्याचार-अन्याय मिट पाएगा। बता दें कि, अखिलेश यादव की तरफ से पीड़ित परिवार को पांच लाख की आर्थिक मदद दी गयी है।
‘हरदोई की बेटी’ के साथ हुए अन्याय के बारे में सोचकर जितना दुख होता था, उसके पीड़ित परिवार और परिजनों से मिलकर उससे भी अधिक हुआ।
सवाल ये है कि ग़रीब कब तक नाइंसाफ़ी का शिकार होता रहेगा। वर्चस्ववादियों की सत्ता क्या सिर्फ़ और सिर्फ़ कमज़ोर पर प्रहार या अत्याचार करने के लिए बनी है।… pic.twitter.com/HRvLItG59D
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— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) April 30, 2026
बता दें कि, 13 अप्रैल की शाम शिल्पी कुशवाहा (26) घर से कूड़ा डालने निकली थीं। इसी दौरान गांव के ही ऋषभ द्विवेदी ने उन पर फावड़े से हमला कर दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने मृतका के पिता राम रहीस की तहरीर पर आरोपी ऋषभ और उसके पिता प्रमोद के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया।
पुलिस ने 15 अप्रैल को मुख्य आरोपी ऋषभ को गिरफ्तार किया, जबकि 19 अप्रैल को उसके पिता प्रमोद को भी पकड़कर जेल भेज दिया गया। मामले में पुलिस की भूमिका पर सवाल उठने के बाद 28 अप्रैल को एसपी अशोक कुमार मीणा ने मल्लावां कोतवाल शिवाकांत पांडेय को निलंबित कर दिया।