मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि, श्री 'सोमनाथ' मंदिर भारत के सांस्कृतिक राष्ट्रवाद का जीवंत प्रतीक है...पिछले एक हजार वर्षों का कालखण्ड इस बात का प्रमाण है कि विदेशी आक्रांताओं की घृणा, कट्टरता और विध्वंस की नीति के आगे हमारी आस्था, साहस और सृजनशीलता की अमर शक्ति हर क्षण अडिग रही।
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि, श्री ‘सोमनाथ’ मंदिर भारत के सांस्कृतिक राष्ट्रवाद का जीवंत प्रतीक है…पिछले एक हजार वर्षों का कालखण्ड इस बात का प्रमाण है कि विदेशी आक्रांताओं की घृणा, कट्टरता और विध्वंस की नीति के आगे हमारी आस्था, साहस और सृजनशीलता की अमर शक्ति हर क्षण अडिग रही।
आज बाबा सोमनाथ का जो भव्य स्वरूप हम देख रहे हैं, वह सरदार वल्लभभाई पटेल की निष्ठा, डॉ. राजेंद्र प्रसाद की आस्था, के.एम. मुंशी जी की जिजीविषा एवं लाखों सनातन धर्मावलंबियों के बलिदान का ही प्रतिफल है।
श्री 'सोमनाथ' मंदिर भारत के सांस्कृतिक राष्ट्रवाद का जीवंत प्रतीक है…
पिछले एक हजार वर्षों का कालखण्ड इस बात का प्रमाण है कि विदेशी आक्रांताओं की घृणा, कट्टरता और विध्वंस की नीति के आगे हमारी आस्था, साहस और सृजनशीलता की अमर शक्ति हर क्षण अडिग रही।
आज बाबा सोमनाथ का जो भव्य…
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— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) January 11, 2026
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में ‘नया भारत’ आज ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ के रूप में सनातन आस्था के सांस्कृतिक गौरव का उत्सव मना रहा है और गजनी जैसे आतताइयों के धूलधूसरित विध्वंस पर उल्लास, सृजन और वैभव का नव-अंकुर प्रस्फुटित हो रहा है। यह पर्व प्रतीक है कि सत्य को कभी पराजित नहीं किया जा सकता। गौरवशाली सनातन संस्कृति के अभिवर्धन हेतु आपका आभार प्रधानमंत्री जी।