भारत में मधुमेह से पीड़ित लोगों को हमारे खान-पान की वजह से इस बीमारी से निपटना अधिक कठिन लगता है। हमारे कई मुख्य खाद्य पदार्थ जैसे चावल और आलू में स्टार्च की मात्रा अधिक होती है।
Sugar Control South Indian Dishes : भारत में मधुमेह से पीड़ित लोगों को हमारे खान-पान की वजह से इस बीमारी से निपटना अधिक कठिन लगता है। हमारे कई मुख्य खाद्य पदार्थ जैसे चावल और आलू में स्टार्च की मात्रा अधिक होती है। लेकिन आप अपने दक्षिण भारतीय भोजन को अपनी पसंद के अनुसार बना सकते हैं और मधुमेह रोगियों के अनुकूल भोजन विकल्प चुन सकते हैं।
पुदीने या टमाटर-प्याज की चटनी
सुबह के नाश्ते से, जहाँ साधारण चावल के डोसे की जगह रागी (मडुआ) या ओट्स डोसा ले लेता है। रागी में फाइबर और कैल्शियम प्रचुर मात्रा में होता है, जो ग्लूकोज को खून में धीरे-धीरे रिलीज करता है। इसके साथ दी जाने वाली नारियल की चटनी की जगह पुदीने या टमाटर-प्याज की चटनी लें, और सांभर में ढेर सारी हरी सब्जियाँ जैसे सहजन (ड्रमस्टिक), कद्दू और बीन्स डालें।
दाल और फॉक्सटेल मिलेट
दोपहर के भोजन में सफेद चावल को ब्राउन राइस, फॉक्सटेल मिलेट (कंगनी) या दलिया से बदलें। मिलेट्स का लो-ग्लाइसेमिक इंडेक्स शुगर स्पाइक को रोकता है। इसके साथ पप्पू (दाल) या रसम का सेवन करें, जिसमें मौजूद इमली, काली मिर्च और जीरा पाचन क्रिया को सुधारते हैं।
मल्टीग्रेन इडली
शाम के स्नैक्स में तली हुई चीजों के बजाय उबले हुए चने का सुंडल (चना चाट) एक शानदार High-protein और Low-carb विकल्प है। रात का खाना हल्का होना चाहिए, जिसमें मल्टीग्रेन इडली और सब्जियों से भरपूर उपमा शामिल किया जा सकता है।
उपमा
नॉर्मल सूजी की जगह ओट्स या टूटे हुए गेहूं (दलिया) में खूब सारे फाइबर और सब्जियां जैसे बीन्स, गाजर और मटर मिलाकर उपमा बनाएं।