राम मंदिर (Ram Mandir) में चढ़ावे की कथित चोरी और राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट (Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust) के धन के कथित दुरुपयोग के आरोपों से जुड़ी याचिका पर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने तत्काल सुनवाई करने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने याचिकाकर्ता से पूछा कि आखिर इस मामले में इतनी जल्दी क्यों है? क्या बाद में सुनवाई होने से कोई आसमान टूट जाएगा?
अयोध्या। राम मंदिर (Ram Mandir) में चढ़ावे की कथित चोरी और राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट (Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust) के धन के कथित दुरुपयोग के आरोपों से जुड़ी याचिका पर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने तत्काल सुनवाई करने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने याचिकाकर्ता से पूछा कि आखिर इस मामले में इतनी जल्दी क्यों है? क्या बाद में सुनवाई होने से कोई आसमान टूट जाएगा? कोर्ट ने कहा कि फिलहाल ग्रीष्मकालीन अवकाश चल रहा है। इसलिए नियमित सुनवाई अवकाश समाप्त होने के बाद ही संभव होगी। ऐसे में मामले की सुनवाई 12 जुलाई के बाद होने की संभावना है। यह याचिका अधिवक्ता अनूप अवस्थी (Advocate Anup Awasthi) की ओर से दाखिल की गई है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट (Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust) के धन और मंदिर में आए चढ़ावे के उपयोग में अनियमितताएं हुई हैं।
याचिका में सीबीआई जांच की मांग
याचिकाकर्ता ने इस मामले में एफआईआर (FIR) दर्ज कराने और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की मांग की है। याचिका में यह भी आग्रह किया गया है कि मामले की जांच सीबीआई (CBI) अधिकारी की अगुवाई में गठित विशेष जांच दल (SIT) से कराई जाए, ताकि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच हो सके। याचिकाकर्ता का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए विस्तृत जांच आवश्यक है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने फिलहाल आरोपों के गुण-दोष पर कोई टिप्पणी नहीं की है। अदालत ने केवल तत्काल सुनवाई की मांग स्वीकार करने से इनकार किया है। अब अवकाश समाप्त होने के बाद नियमित पीठ के समक्ष इस याचिका पर सुनवाई होगी। तब तक मामले में सीबीआई (CBI) जांच या एफआईआर (FIR) दर्ज करने को लेकर कोई अंतरिम आदेश जारी नहीं किया गया है।
सात अभियुक्तों के ठिकानों पर रेड
आपको बता दें इस मामले में पुलिस ने रविवार को आठ में से सात अभियुक्तों के ठिकानों पर सुबह से देर शाम तक ताबड़तोड़ छापेमारी की। इस दौरान आरोपियों की संपत्तियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद कर उन्हें जब्त किया। पुलिस इनकी जांच कर संपत्तियों और वित्तीय लेनदेन की पड़ताल करेगी। साथ ही इनके घरों से कुछ सोने-चांदी के गहने, सिक्के और नकदी भी बरामद की है। लगातार कार्रवाई के बीच पुलिस ने घर और अन्य ठिकानों पर मिले परिजनों से कई-कई घंटे पूछताछ की। टीमें देर शाम खबर लिखे जाने तक विभिन्न ठिकानों पर जांच व तलाशी अभियान में जुटी रहीं। विवेचक सीओ अयोध्या आशुतोष तिवारी (Ayodhya CO Ashutosh Tiwari) के नेतृत्व में गठित छह टीमों ने सुबह करीब सात बजे अभियान शुरू किया। सभी टीमों के साथ एक-एक लेखपाल और महिला पुलिस कर्मी खासतौर पर रहे। इस दौरान आरोपी रामशंकर यादव ‘टिन्नू’, मनीष यादव, अविनाश शुक्ल, लवकुश मिश्र, अनुकल्प मिश्र, रमाशंकर मिश्र, करुणेश पांडेय के परिजनों से लंबी पूछताछ भी की गई।
नौकरशाही का दखल संतों को नामंजूर
राम मंदिर (Ram Mandir) में चढ़ावा प्रकरण को लेकर ट्रस्ट के पुनर्गठन की मांग के बीच सीईओ (मुख्य कार्यकारी अधिकारी) की नियुक्ति की मंदिर निर्माण समिति चेयरमैन और ट्रस्ट के पदेन सदस्य नृपेन्द्र मिश्र (Nripendra Misra, Chairman of the Temple Construction Committee and ex-officio member of the Trust) ने हिमायत की है। उनके इस सुझाव को संत समाज ने अस्वीकार्य ही नहीं बल्कि ध्वनि मत से विरोध का प्रस्ताव भी पारित कर दिया है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र अध्यक्ष और मणिराम छावनी पीठाधीश्वर महंत नृत्यगोपाल दास (Mahant Nritya Gopal Das, President of the Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra and Peethadheeshwar of Maniram Chhavni) के 88वें जन्मोत्सव समारोह (88th birth anniversary celebrations) के अंतिम दिन देश भर से आए संतों के बीच यह प्रस्ताव रामकथा के व्यास पीठ से मुख्य वक्ता और आचार्य मिथिलेश नंदिनी शरण (Acharya Mithilesh Nandini Sharan) ने रखा।