बिजनौर के नजीबाबाद निवासी अल्ताफ की जिंदगी बीमारी और आर्थिक संकट के बीच फंस गई है। बेटे की जिंदगी बचाने के लिए मां शेरूनिका ने अपनी किडनी तक दे दी लेकिन अक्टूबर 2025 में मोहाली के एक निजी अस्पताल में हुआ ट्रांसप्लांट सफल नहीं रहा। हालत बिगड़ने पर परिवार उसे
