नई दिल्ली। संसदीय समिति की रिपोर्ट (मार्च 2026) के अनुसार, राष्ट्रीय अंतरिक्ष एजेंसी (ISRO) और उससे संबंधित सरकारी संगठनों के तरफ से विकसित तकनीकों को निजी कंपनियों को बेहद कम कीमतों (कौड़ियों के भाव) पर हस्तांतरित किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, 100 में से लगभग 70 तकनीकें 10 रुपये लाख
