गोरखा भूतपूर्व सैनिक स्कूल विवाद फिर गरमाया, हाई कोर्ट के आदेश के बाद भी कार्रवाई ठप; पूर्व सैनिकों ने तहसील में अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया
पर्दाफाश न्यूज़ ब्यूरो महराजगंज :: नौतनवा कस्बे में स्थित गोरखा भूतपूर्व सैनिक स्कूल को लेकर वर्षों से चल रहा विवाद एक बार फिर उफान पर है। स्कूल के प्रबंधन और संचालन को लेकर दो पक्षों के बीच रस्साकशी थमने का नाम नहीं ले रही है। मामला न्यायालय में विचाराधीन होने के कारण दोनों ओर से शांति बनी हुई थी, लेकिन अब आरोप है कि उच्च न्यायालय के स्पष्ट आदेश के बावजूद अधिकारी कार्रवाई से बच रहे हैं, जिससे असंतोष भड़क उठा है।
गुरुवार को गोरखा भूतपूर्व सैनिक कल्याण समिति के बैनर तले बड़ी संख्या में भूतपूर्व सैनिक, महिलाएँ और स्थानीय लोग तहसील मुख्यालय पहुंचे और प्रशासन के खिलाफ जोरदार धरना प्रदर्शन किया।
31 अक्टूबर को हाई कोर्ट का आदेश, फिर भी फाइलें धूल खा रही
हाई कोर्ट ने 31 अक्टूबर को रामकुमार थापा को संस्था का वैध प्रबंधक मानते हुए उन्हें कार्यभार सौंपने का आदेश सहायक निबंधक, गोरखपुर को दिया था। इसके बाद सहायक निबंधक ने मामले को महराजगंज के बीएसए को निस्तारण हेतु भेज दिया।
लेकिन आरोप है कि दो महीने बीतने के बावजूद न तो चार्ज हैंडओवर हुआ, न ही आदेश का पालन। प्रबंधक रामकुमार थापा लगातार अधिकारियों को पत्र भेजकर आदेश अनुपालन की मांग करते रहे, पर नतीजा शून्य रहा।
“आदेश ऊपर से है, कार्रवाई नीचे फंसी है” — गोरखा समाज का आरोप
धरने में शामिल लोगों ने कहा कि जब न्यायालय के आदेश का ही सम्मान नहीं हो रहा, तो आम लोगों की सुनवाई कैसे होगी?
प्रदर्शनकारियों ने जिम्मेदार अधिकारियों पर जानबूझकर मामले को लटकाने और पक्षपात का आरोप लगाया।
धरने में बड़ी संख्या में लोग शामिल
धरने में नर बहादुर राना, भाजपा नेता जितेंद्र जायसवाल, डमर बहादुर गुरूंग, मोहन थापा, श्याम किशोर थापा, थामकली आले, किरण गुरूंग, पद्मिनी थापा, नीतू थापा, सुमन राना, वीनू राना, गीता थापा, रेखा थापा, अमित कुमार बोरा, अजय राना, अशोक सिंह, सुजीत कुमार, चंद मोहन जायसवाल, भीम बहादुर गुरुंग, कृष्ण कुमार राणा, मनोज कुमार थापा, सुनील क्षेत्री,नारायण थापा, दीपक गुरुंग सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल रहे।