केशव मौर्य ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, भाजपा के भय से पहले मंदिर बनवाना और अब प्रभु श्रीरामलला की मूर्ति लगवाने की चर्चा करना, यह समाजवादी पार्टी की ‘अवसरवादी’ राजनीति का नया चेहरा है। विडंबना यह है कि जिस सपा और सपाइयों के दामन पर रामभक्तों के खून के छींटे लगे हों, वे आज रामभक्ति का स्वांग रच रहे हैं।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर प्रदेश का सियासी पारा बढ़ता जा रहा है। एक दूसरे पर हमले तेज हो गए हैं। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने अखिलेश यादव पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि, दुविधा में फंसे सपा बहादुर और उनकी सपा न तो रामभक्तों का विश्वास पाएगी और न ही अपना कथित ‘वोट बैंक’ बचा पाएगी।
केशव मौर्य ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, भाजपा के भय से पहले मंदिर बनवाना और अब प्रभु श्रीरामलला की मूर्ति लगवाने की चर्चा करना, यह समाजवादी पार्टी की ‘अवसरवादी’ राजनीति का नया चेहरा है। विडंबना यह है कि जिस सपा और सपाइयों के दामन पर रामभक्तों के खून के छींटे लगे हों, वे आज रामभक्ति का स्वांग रच रहे हैं।
भाजपा के भय से पहले मंदिर बनवाना और अब प्रभु श्रीरामलला की मूर्ति लगवाने की चर्चा करना, यह समाजवादी पार्टी की ‘अवसरवादी’ राजनीति का नया चेहरा है। विडंबना यह है कि जिस सपा और सपाइयों के दामन पर रामभक्तों के खून के छींटे लगे हों, वे आज रामभक्ति का स्वांग रच रहे हैं।
यदि वास्तव में…
— Keshav Prasad Maurya (@kpmaurya1) March 31, 2026
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उन्होंने आगे कहा, यदि वास्तव में आस्था का सम्मान होता और नीयत सही होती तो श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर बनी ईदगाह को हटाकर भव्य मंदिर निर्माण की बात करते और बाबरी समर्थकों के खिलाफ भी आवाज उठाते। दुविधा में फंसे सपा बहादुर और उनकी सपा न तो रामभक्तों का विश्वास पाएगी और न ही अपना कथित ‘वोट बैंक’ बचा पाएगी। 2027 में इनको न तो हिंदू मिलेगा और न मुसलमान, मिलेगा तो केवल सैफ़ई में स्थान।
बता दें कि, यूपी चुनाव को लेकर सियासी पारा बढ़ता जा रहा है। सपा और भाजपा के नेताओं की तरफ से एक दूसरे पर हमले तेज कर दिए गए हैं। अखिलेश यादव की तरफ से लगातार भाजपा सरकार को घेरने की कोशिश हो रही है, तो भाजपा की तरफ से इसका पलटवार किया जा रहा है।