1. हिन्दी समाचार
  2. क्रिकेट
  3. सुप्रीम कोर्ट ,बोला-जिन्हें बैट पकड़ना नहीं आता, वे क्रिकेट संघों में…, खेल की पहचान सिर्फ खिलाड़ियों से, MCA चुनाव पर रोक हटाने से इनकार

सुप्रीम कोर्ट ,बोला-जिन्हें बैट पकड़ना नहीं आता, वे क्रिकेट संघों में…, खेल की पहचान सिर्फ खिलाड़ियों से, MCA चुनाव पर रोक हटाने से इनकार

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने क्रिकेट और अन्य खेल संघों के संचालन पर नाराजगी जताई है। कोर्ट ने कहा कि खेल संस्थाओं का नेतृत्व ऐसे लोगों के हाथ में होना चाहिए, जो खेल को समझते हों। क्रिकेट संघों (Cricket Associations) में रिटायर्ड क्रिकेटरों को जगह मिलनी चाहिए, न कि ऐसे लोगों को जो बैट तक पकड़ना नहीं जानते।

By संतोष सिंह 
Updated Date

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने क्रिकेट और अन्य खेल संघों के संचालन पर नाराजगी जताई है। कोर्ट ने कहा कि खेल संस्थाओं का नेतृत्व ऐसे लोगों के हाथ में होना चाहिए, जो खेल को समझते हों। क्रिकेट संघों (Cricket Associations) में रिटायर्ड क्रिकेटरों को जगह मिलनी चाहिए, न कि ऐसे लोगों को जो बैट तक पकड़ना नहीं जानते। चीफ जस्टिस सूर्यकांत (Chief Justice Suryakant) की नेतृत्व वाली बेंच ने बॉम्बे हाईकोर्ट (Bombay High Court) के उस आदेश में दखल देने से इनकार कर दिया, जिसमें महाराष्ट्र क्रिकेट एसोसिएशन (MCA) के चुनाव पर रोक लगाई गई थी। ये चुनाव 6 जनवरी को होने थे, लेकिन उनमें भाई-भतीजावाद और पक्षपात के आरोप लगे थे।

पढ़ें :- अभिनेता आदित्य पंचोली पर दर्ज दुष्कर्म के मामले में सुनवाई टली, बॉम्बे हाईकोर्ट में अब चार मार्च को होगी सुनवाई

सुनवाई के दौरान CJI ने MCA की सदस्यता में अचानक हुई बढ़ोतरी पर सवाल उठाया। कोर्ट ने रिकॉर्ड का हवाला देते हुए कहा कि 1986 से 2023 तक एसोसिएशन में 164 सदस्य थे, लेकिन इसके बाद अचानक बड़ी संख्या में नए सदस्य जोड़ दिए गए। CJI ने पूछा कि इतने सालों में सीमित सदस्य और फिर अचानक ‘बंपर ड्रॉ’ कैसे हो गया। उन्होंने कहा कि अगर सदस्य संख्या 300 तक बढ़ानी थी तो उसमें नामी और रिटायर्ड अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को शामिल किया जाना चाहिए था।

MCA और अन्य याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वकील ने दलील दी कि रिटायर्ड जज की अध्यक्षता वाली समिति ने प्रक्रिया देखी थी और कुछ आवेदनों को खारिज भी किया गया। साथ ही आरोप लगाया गया कि चैरिटी कमिश्नर ने बिना कैबिनेट से सलाह लिए प्रशासक नियुक्त कर दिया। मामला तब शुरू हुआ जब पूर्व भारतीय क्रिकेटर और भाजपा नेता केदार जाधव (BJP leader Kedar Jadhav) ने बॉम्बे हाईकोर्ट (Bombay High Court)  का रुख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि करीब 401 नए सदस्यों को जोड़कर वोटर लिस्ट में हेरफेर की गई। याचिका में कहा गया कि इनमें से कई लोग NCP-SP विधायक रोहित पवार के रिश्तेदार या कारोबारी सहयोगी हैं।

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court)  ने याचिकाकर्ताओं को अपनी याचिकाएं वापस लेने की अनुमति दी और सभी आपत्तियां बॉम्बे हाईकोर्ट (Bombay High Court) के सामने रखने को कहा। कोर्ट ने हाईकोर्ट से मामले का जल्द फैसला करने का अनुरोध किया।

टॉप-5 राज्य क्रिकेट संघ में सिर्फ 2 इंटरनेशनल क्रिकेटर

पढ़ें :- 15 साल बाद अभिनेता आदित्य पंचौली पर दर्ज हुआ था दुष्कर्म का मुकदमा, बॉम्बे हाई कोर्ट ने 24 फरवरी की दी सुनवाई की तारीख

भारत के टॉप-5 राज्य क्रिकेट संघों की बात करें तो इनमें से सिर्फ दो ऐसे हैं, जिनकी कमान पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटरों के हाथ में है। बंगाल क्रिकेट संघ के अध्यक्ष सौरव गांगुली (Sourav Ganguly, President of the Bengal Cricket Association) और कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (Karnataka State Cricket Association) के अध्यक्ष वेंकटेश प्रसाद (President Venkatesh Prasad) भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल चुके हैं।

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...